नई दिल्ली: कोरोनावायरस महामरी से विश्व भर में फैले डर और अनिश्चितताओं के बीच स्थानीय शेयर बाजारों में लगातार पिछले कुछ दिनों से भारी गिरावट देखी जा रही है. गुरुवार को सेंसेक्स 1800 प्वाइंट की गिरावट के साथ 27,099.32 पर खुला जो पिछले एक हफ्ते में करीब 10 हज़ार से ज्यादा प्वाइंट नीचे गिरा है.
वहीं निफ्टी में लगातार गिरावट देखी जा रही है. गुरुवार को निफ्टी भी 500 प्वाइंट से ज्यादा गिरावट के साथ शुरू हुआ.
बाज़ार में अस्थिरता और कोरोनावायरस के कारण अनिश्चितता होने के कारण आईटी, बैंकिंग, सर्विसेज, ऊर्जा, फार्मा, इंफ्रास्ट्रक्चर, मीडिया, रिएलटी क्षेत्रों को नुकसान का सामना कर पड़ रहा है.
शेयर बाज़ार में लगातार हो रही गिरावट का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है. दुनिया के तमाम शेयर मार्केट में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है.
सेंसेक्स और निफ्टी में हो रही लगातार गिरावट के कारण निवेशकों को लाखों करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है.
भारत में अब तक कोरोनावायरस के 150 से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं जिसमें तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है. पूरी दुनिया में इस वायरस ने आठ हज़ार से भी ज्यादा लोगों की जान ले ली है. दुनियाभर के देश अपने-अपने स्तर पर इसे रोकने के लिए प्रयासरत हैं.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोनावायरस के मद्देनज़र गुरुवार रात देश को संबोधित भी करेंगे.
सोमवार से बुधवार तक बाज़ार में गिरावट के चलते निवेशकों की बाजार हैसियत कुल मिला कर 15.72 लाख करोड़ रुपये नीचे आ चुकी है.
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बुधवार को मुंबई बाजार का सेंसेक्स और 1,709.58 अंक 5.59 प्रतिशत गिर कर 29,000 हजार से नीचे आ गया.
सोमवार से सेंसेक्स कुल मिला कर 5,233.97 अंक ध्वस्त हो कर 28,613.05 पर आ गया है. यह सेंसेक्स का एक साल का न्यूनतम स्तर है.
इन तीन दिनों में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार मूल्य 15,72,913.52 करोड़ रुपये लुढ़क कर बुधवार को 1,13,53,329.30 करोड़ रुपये पर आ गया.
(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)