Tuesday, 18 January, 2022
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अमेरिकी हेल्थ इंस्टीट्यूट का दावा, संक्रमित सतह या चीज़ों से आसानी से नहीं फ़ैलता कोविड- 19

महामारी विशेषज्ञ गिरिधर आर. बाबू ने दिप्रिंट से कहा, 'अन्य तरीकों (किसी सतह या चीज़ को छूने) से वायरस के आसानी से नहीं फ़ैलने को लेकर सीडीसी द्वारा दी गई जानकारी पर तुरंत निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए.'

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नई दिल्ली: कोरोनावायरस किसी दूषित सतह या फिर चीज़ को छूने से इसका संक्रमण नहीं फैलता है बल्कि इसके संक्रमण की मुख्य वजह लोगों का करीबी संपर्क ही हो सकता है. अमेरिका की पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट सेंटर फॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने हाल में यह जानकारी साझा की है.

सीडीसी ने कोरोनावायरस के फ़ैलने के तरीके को लेकर नई जानकारी साझा की है. ये नई जानकारी सीडीसी की वेबसाइट पर मौजूद है.

इसकी शुरुआत में सीडीसी ने कहा, ‘कोविड 19 को लेकर ये माना जाता है कि ये करीबी संपर्क यानी लोगों से लोगों में फ़ैलता है. ऐसे कुछ लोग जिनमें इसके लक्ष्ण नहीं हैं, वो भी वायरस को फ़ैला सकते हैं.’

सीडीसी ने ये भी कहा कि वो अभी ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि वायरस कैसे फ़ैलता है और इससे होने वाली बीमारी कितनी गंभीर होती है.


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आसानी से नहीं फ़ैलता

सीडीसी का कहना है कि कोरोनावायरस किसी सतह या चीज़ को छूने से लोगों को संक्रमित नहीं करता है और न ही आसानी से फ़ैलता है. उनका मानना है, ‘ऐसा भी हो सकता है कि कोई व्यक्ति किसी सतह या किसी चीज़ को छुए और इसके बाद अपने मुंह, नाक या संभवत: आंखों को छुए और उसे कोविड 19 होने का खतरा रहता है.’

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सीडीसी के इस ताज़ा अपडेट को लेकर पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया में लाइफ कोर्स एपिडेमिओलोजी के प्रमुख प्रोफेसर, गिरिधर आर. बाबू ने दिप्रिंट से कहा, ‘अन्य तरीकों (किसी सतह या चीज़ को छूने) से वायरस के आसानी से नहीं फ़ैलने को लेकर सीडीसी द्वारा दी गई ताज़ा जानकारी पर तुरंत निषकर्ष नहीं निकाले जाने चाहिए.’

जानवरों से लोगों में इसी बीमारी के फ़ैलने को लेकर सीडीसी का कहना है कि अभी इसकी आशंका बहुत कम है. वहीं, लोगों से जानवरों में इस बीमारी के फ़ैलने को लेकर संस्था का कहना है कि कोविड- 19 कुछ स्थितियों में लोगों से जानवरों में फ़ैल सकता है.

सीडीसी के मुताबिक दुनिया भर में कुछ ऐसे मामले आए हैं जिनमें कुत्ते और बिल्लियों को इस वायरस से होने वाली बीमारी हुई है. इन जानवारों में बीमारी कोविड संक्रमित लोगों से पहुंची.

ज़्यादा फ़ैलती है ये बीमारी

सीडीसी ने दोहराया कि ये वायरस 6 फ़िट से कम दूरी रखनेे वालों में फ़ैलता है. फ़ैलने की वजह सांस लेने के दौरान निकलने वाली बूंदें होती हैं. सीडीसी ने यह भी बताया है, ‘खांसने, छींकने और बात करने के दौरान जब ये बूंदे निकलती हैं तो वायरस फ़ैलता है.’

बीमार व्यक्ति के शरीर से इन बूंदों के जरिए निकला वायरस सामने वाले स्वस्थ व्यक्ति के नाक या मुंह के जरिए संभवत: उसके फेंफड़े में घुस सकता है. सीडीसी का कहना है कि कोरोनावायरस लोगों के बीच आसानी और टिकाउ तरीके से फ़ैल रहा है.

ये भी कहा गया है कि दुनियाभर में कहर ढहा रही कोविड 19 महामारी को लेकर प्राप्त जानकारी के मुताबिक ये वायरस इंफ्लुएंजा की तुलना में तेज़ी से फ़ैल रहा है. हालांकि, ये खसरे जितनी तेज़ी से नहीं फ़ैल रहा है.


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हालांकि, अपने आपको सुरक्षित कैसे रखें में सीडीसी एक ओर जहां बार बार हाथ धोने या सैनिटाइजेशन और दूरी की बात कर रहा है वहीं वह यह भी कह रहा है कि बार-बार छूने वाली चीजें और सतहों को संक्रमण से बचाने के लिए डिस्इनफेक्टेंट से साफ करते रहें.

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