नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने छह साल की बच्ची से बलात्कार के जुर्म में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और कहा कि वह किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनु अग्रवाल ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा पर दलीलें सुनीं।
अदालत ने 25 मार्च के अपने आदेश में कहा, ‘‘बाल यौन शोषण के व्यापक और गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह पीड़ित के मनोवैज्ञानिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, जिससे उसे जीवन भर परेशानी झेलनी पड़ती है। बच्चे को बहुत अधिक आघात का सामना करना पड़ता है।’’
अदालत ने अपने फैसले में 2017 में हुए इस अपराध की गंभीरता और व्यक्ति द्वारा अपराध के दौरान पीड़िता को चोट पहुंचाए जाने की बात पर गौर किया।
अदालत ने कहा, ‘‘दोषी किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है।’’
व्यक्ति ने बच्ची का उस समय अपहरण कर लिया था, जब वह पार्क में खेलने गई थी और उसने उसके साथ बलात्कार किया था।
भाषा शफीक पारुल
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