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Friday, 20 February, 2026
होमदेश'भौगोलिक प्रतिबंध' पर विचार करें: इंजीनियर रशीद की जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय ने एनआईए से कहा

‘भौगोलिक प्रतिबंध’ पर विचार करें: इंजीनियर रशीद की जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय ने एनआईए से कहा

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नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) आतंकवादियों को धन मुहैया कराने के मामले में बारामूला से सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ ​​इंजीनियर रशीद की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से पूछा कि क्या उनकी आवाजाही को एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित करना संभव है।

रशीद के वरिष्ठ वकील ने न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ के समक्ष बताया कि वह साढ़े छह साल से अधिक समय से कारावास में हैं और इस दौरान उन्हें दो बार अंतरिम जमानत दी गई थी।

इस बात पर जोर देते हुए कि रशीद ने न तो जमानत की शर्तों का दुरुपयोग किया और न ही उनके खिलाफ कोई शिकायत थी, वरिष्ठ वकील ने कहा कि जमानत पर उनके रिहा होने के बाद गवाहों को प्रभावित करने के बारे में एनआईए की आशंका निराधार थी।

उन्होंने कहा कि रशीद को हिरासत में संसद में उपस्थित होने की अनुमति दी गई थी।

सुनवाई के दौरान पीठ ने एनआईए के वरिष्ठ वकील से निर्देश लेने को कहा कि यदि रशीद को सांसद होने के कारण रिहा किया जाता है तो उनकी आवाजाही को एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित करने के लिए निर्देश लिए जाएं।

पीठ ने एजेंसी के वरिष्ठ वकील से मौखिक रूप से कहा, ‘मान लीजिए कि यह किसी प्रकार का ‘भौगोलिक प्रतिबंध’ हो। वह संसद सदस्य हैं… आप इस पर विचार कर सकते हैं, अदालत ने इस बारे में कोई राय व्यक्त नहीं की है। हर बार यह इतना बड़ा मुद्दा बना दिया जाता है… मुझे पूरा विश्वास है कि जब भी उन्हें संसद में उपस्थित होना होता होगा, तब आप बख्तरबंद वाहन का उपयोग करते होंगे।’

इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।

अधीनस्थ अदालत ने 21 मार्च 2025 को रशीद की दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

भाषा

शुभम वैभव

वैभव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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