मुंबई 12 जनवरी (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने नगर निकाय चुनावों से पहले लाडकी बहिन योजना के तहत राशि वितरण किये जाने को लेकर सोमवार को महायुति सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल के नेता ‘‘स्वार्थी भाई’’ हैं जो लाभार्थी महिलाओं से इसके बदले में वोट की उम्मीद करते हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस सरकार ने दो महीने तक लाडकी बहिन योजना की राशि का वितरण नहीं किया।
उन्होंने दावा किया, ‘‘इन स्वार्थी भाइयों में कोई भावना नहीं है। उन्होंने दो महीने तक किस्त रोक रखी थी और चुनाव प्रचार के दौरान पूरी रकम बांटी है। इन्हें बदले में कुछ चाहिए। बहनों को इन स्वार्थी भाइयों को उनकी औकात दिखा देनी चाहिए, क्योंकि वे इसके बदले में वोट की उम्मीद करते हैं।’’
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह किस्त करदाताओं के पैसे से दी जाती है और सत्ता में बैठे लोगों की निजी संपत्ति नहीं है।
सावंत ने बताया कि जब कांग्रेस (इस तरह के घटनाक्रमों की) आलोचना करती है, तो सत्तारूढ़ गठबंधन (महायुति) आरोप लगाता है कि पार्टी इस योजना के खिलाफ है।
लाडकी बहिन योजना राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसके तहत पात्र महिला लाभार्थियों को प्रति माह 1,500 रुपये की सहायता राशि मिलती है। इस योजना को भाजपा, शिवसेना और राकांपा के महायुति गठबंधन को 2024 के विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने का श्रेय दिया जाता है।
सावंत ने आरोप लगाया, “कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को पत्र लिखा है, लेकिन हमें किसी कार्रवाई की उम्मीद नहीं है। नगरपालिका परिषद चुनावों के दौरान, महायुति के घटक दलों ने एक-दूसरे पर वोटों के लिए पैसे देने का आरोप लगाया और यहां तक कि वीडियो भी प्रसारित किए, लेकिन भाजपा की बी टीम कहे जाने वाले एसईसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।”
प्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को एसईसी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह सरकार को निर्देश दे कि लाडकी बहिन योजना की दिसंबर 2025 और जनवरी की किस्तें नगर निगम चुनाव समाप्त होने के बाद ही जारी की जाएं, ताकि योजना की एक करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों पर कोई प्रभाव न पड़े।
विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रस्तावित धन वितरण का समय 15 जनवरी को होने वाले 29 नगर निगमों के चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को प्रलोभन देने के समान है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इससे पहले कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए दावा किया था कि जारी योजनाओं पर आदर्श आचार संहिता के प्रावधान लागू नहीं होते हैं।
भाजपा की तमिलनाडु इकाई के नेता अन्नामलाई को मुंबई को महाराष्ट्र का शहर नहीं बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय शहर बताने संबंधी उनके बयान को लेकर कथित तौर पर मिल रही धमकियों के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए सावंत ने कहा कि कांग्रेस अन्नामलाई से सहमत नहीं है, लेकिन हिंसा भड़काने वाले बयानों से भी सहमत नहीं है।
भाषा राजकुमार सुभाष
सुभाष
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
