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Thursday, 26 February, 2026
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‘विकसित भारत’ के विचार का विरोध करती है कांग्रेस: सोनोवाल

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गुवाहाटी, 21 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘विकसित भारत’ के विचार का विरोध करती है क्योंकि उसकी राजनीति वंशवाद पर आधारित है, विकास पर नहीं।

सोनोवाल ने डिब्रूगढ़ में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दशकों तक सत्ता कुछ ही परिवारों के हाथों में सिमटी रही, जबकि गरीब और वंचित लोगों की आकांक्षाओं को नजरअंदाज किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके विपरीत, भाजपा की गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता नये भारत की नयी राजनीतिक संस्कृति के रूप में उभरी है, जिसका शासन प्रदर्शन, पारदर्शिता और सबसे कमजोर वर्ग के व्यक्ति के सशक्तीकरण पर आधारित है।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘विकसित भारत 2047’ का दृष्टिकोण गांव-केंद्रित और गांव के नेतृत्व वाली विकास क्रांति को गति दे रहा है, जिससे ग्रामीण भारत देश की विकास रणनीति के केंद्र में आ गया है।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि विकास अंतिम छोर तक पहुंचे, किसानों, श्रमिकों और युवाओं को सशक्त बनाए और ग्रामीण भारत को राष्ट्रीय विकास की प्रेरक शक्ति में परिवर्तित करे।

उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत 2047 सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मिशन है – एक क्रांति जो हमारे गांवों से शुरू होती है, ग्रामीण आजीविका को मजबूत करती है और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखती है। जब गांव समृद्ध होते हैं, तभी राष्ट्र प्रगति करता है।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) या ‘वीबी-जी राम जी’ का नया ढांचा गरीब और पिछड़े परिवारों के लिए सम्मानजनक आजीविका सुनिश्चित करता है, जिसमें प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए 125 दिन के रोजगार की वैधानिक गारंटी और आय सुरक्षा बढ़ाने के लिए साप्ताहिक मजदूरी का भुगतान शामिल है।

भाषा देवेंद्र जोहेब

जोहेब

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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