अगरतला, एक फरवरी (भाषा) त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता माणिक सरकार ने बुधवार को कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के “कुशासन” के चलते विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) एक साथ आए हैं।
त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 16 फरवरी को मतदान होगा।
दक्षिण त्रिपुरा जिले के जुलाईबाड़ी इलाके में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए माणिक सरकार ने कहा, ‘‘माकपा ने राज्य में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों से हाथ मिलाने का आह्वान किया था। पूर्वोत्तर राज्य में लोकतंत्र को बहाल करने के लिए हमें कांग्रेस तथा एक और पार्टी से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।’’
माणिक सरकार ने कहा कि भाजपा डरी हुई है और यह आरोप लगाकर लोगों को गुमराह कर रही है कि माकपा और कांग्रेस कई वर्षों से आपस में लड़ रहे थे और वे चुनाव से पहले अचानक एक साथ आ गए।
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पिछले पांच वर्षों में भाजपा के कुशासन ने माकपा और कांग्रेस को एक साथ ला दिया है। इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है, इसका श्रेय आपको जाता है।’’
माणिक सरकार ने कहा कि माकपा नीत वाम मोर्चा न केवल राज्य में बल्कि केंद्र से भी भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना चाहता है।
भाषा रवि कांत शफीक
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