नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने वकीलों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने के लिए कुछ पुलिस अधिकारियों की निंदा की।
बृहस्पतिवार को जारी एक पत्र में कहा गया है कि समिति की एक आपात बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए एक वीडियो पर चर्चा की गई।
पत्र में कहा गया है कि वीडियो में सागरपुर थाने के कुछ पुलिस अधिकारियों को ‘अपमानजनक, आपत्तिजनक व अत्यधिक गैर मर्यादित भाषा’ इस्तेमाल करते हुए देखा गया।
पत्र में कहा गया है, “विस्तृत विचार-विमर्श के बाद, समन्वय समिति के सभी सदस्यों ने इस घटना की कड़ी निंदा की, और इस आचरण को पूरी तरह से अस्वीकार्य तथा कानूनी पेशे की गरिमा के खिलाफ बताया।”
पत्र के अनुसार, समिति के सभी सदस्य और वकील बृहस्पतिवार को दोपहर 2:30 बजे पुलिस थाने पर एकत्र होंगे ताकि अधिकारियों को यह संदेश दिया जा सके कि इस तरह का आचरण सहन नहीं किया जा सकता।
पत्र में कहा गया है, “इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया है कि कल पटियाला हाउस जिला अदालतों में, सागरपुर थाने में तैनात किसी भी पुलिस अधिकारी को अदालत परिसर या संबंधित अदालतों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती।”
पत्र में यह भी कहा गया है कि समिति ने पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों को औपचारिक लिखित प्रतिवेदन भेजने और न्यायपालिका के साथ मौखिक व लिखित संवाद करने का निर्णय लिया, ‘ताकि दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए।’
पत्र पर समिति के अध्यक्ष राजीव तेहलान और महासचिव करण वीर त्यागी के हस्ताक्षर हैं।
भाषा जोहेब प्रशांत
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