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Monday, 2 March, 2026
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महाराष्ट्र के कोंकण में गठबंधन की राजनीति से कांग्रेस की संभावनाओं पर पड़ा विपरीत असर: सकपाल

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चिपलून, एक मार्च (भाषा) महाराष्ट्र की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने रविवार को कहा कि गठबंधन की राजनीति की वजह से राज्य के तटीय कोंकण में पार्टी की संभावनाओं पर विपरीत असर हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब इस क्षेत्र में अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

सपकाल और अन्य नेताओं ने कोंकण क्षेत्र के स्थानीय निकायों में निर्वाचित हुए कांग्रेस के प्रतिनिधियों के लिए रत्नागिरी जिले के चिपलून में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हिस्सा लिया।

कोंकण क्षेत्र को अविभाजित शिवसेना का गढ़ माना जाता था। हालांकि अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने आक्रामक रूप से इस क्षेत्र में अपनी पैठ बनाई है।

हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों में महा विकास आघाडी का हिस्सा रही कांग्रेस ने कुछ नगर परिषद अध्यक्ष पद और पार्षद सीटें जीती हैं।

कांग्रेस संगठनात्मक रूप से कोंकण में नेतृत्व की कमी और कमजोर जमीनी उपस्थिति का सामना कर रही है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव रमेश चेन्निथला ने कार्यशाला के समापन सत्र को ऑनलाइन संबोधित करते हुए भाजपा पर धार्मिक आधार पर विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान का सिद्धांत दिया है और सभी समुदायों को साथ लेकर राजनीति की है। हालांकि, पिछले 12 वर्षों से भाजपा हिंदू-मुस्लिम विवाद पैदा कर देश में विभाजनकारी राजनीति कर रही है। सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने की इस साजिश को नाकाम करना होगा।’’

चेन्निथला ने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनावी असफलताओं के बावजूद हौसला न हारने और इसके बजाय सभी स्तरों पर कांग्रेस संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।

सपकाल ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य नेतृत्व का विकास करना और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना था, खासकर कोंकण में, जहां गठबंधन की राजनीति के कारण पार्टी को नुकसान हुआ है।

उन्होंने संगमेश्वर में छत्रपति संभाजी महाराज के स्मारक की कथित उपेक्षा को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की और दावा किया कि बार-बार घोषणाएं की गईं लेकिन उन्हें अमली जामा नहीं पहनाया गया।

सपकाल ने आरोप लगाया कि संगमेश्वर स्थित छत्रपति संभाजी महाराज का स्मारक बेहद जर्जर हालत में है।

भाषा तान्या धीरज

धीरज

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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