लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कहा कि राज्य अब राजस्व घाटे से निकलकर राजस्व अधिशेष की स्थिति में पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में सुशासन और विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं.
लखनऊ में सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बदलाव का श्रेय डबल इंजन सरकार की नीतियों और बेहतर प्रशासन को दिया. उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीतियों और मजबूत नेतृत्व के कारण उत्तर प्रदेश ने पिछड़े राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाला राज्य बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में राज्य में 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई, जिनमें 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. उन्होंने बताया कि सात पुलिस कमिश्नरेट आधुनिक पुलिसिंग का नया मॉडल पेश कर रहे हैं और साइबर पुलिस स्टेशन तथा साइबर सेल तेजी से विकसित किए जा रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि सात साल से अधिक सजा वाले मामलों में फोरेंसिक जांच अनिवार्य कर दी गई है और प्रदेश में 12 ग्रेड-ए फोरेंसिक लैब शुरू हो चुकी हैं. सेफ सिटी परियोजना 17 नगर निगमों और गौतमबुद्ध नगर में लागू की गई है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के कारण प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और 2017 के बाद से कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन और मंदिर अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है और माघ मेले में 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया.
मुख्यमंत्री ने संविधानिक पदों और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी के साथ आचरण करना चाहिए, ताकि समाज और आने वाली पीढ़ियों के सामने सकारात्मक उदाहरण पेश किया जा सके.
