scorecardresearch
Friday, 13 March, 2026
होमदेश‘सिलेंडर की कमी’ के कारण चेन्नई में 200 से ज़्यादा होटल और खाने-पीने की दुकानें बंद, DMK का BJP पर हमला

‘सिलेंडर की कमी’ के कारण चेन्नई में 200 से ज़्यादा होटल और खाने-पीने की दुकानें बंद, DMK का BJP पर हमला

मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि उन्होंने पहले ही PM और केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर LPG, पेट्रोल और डीज़ल की सप्लाई तुरंत बहाल करने की मांग की है. बीजेपी ‘नैरेटिव’ को खत्म करने के लिए अतिरिक्त कोशिश कर रही है.

Text Size:

चेन्नई: तमिलनाडु चुनाव में अब केवल कुछ हफ्ते बचे हैं. ऐसे में एलपीजी सिलेंडर की कमी चुनावी मुद्दा बन गई है क्योंकि गुरुवार को चेन्नई में 200 से ज़्यादा होटल बंद रहे. ईरान संघर्ष की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के रास्ते आने वाली एलपीजी शिपमेंट प्रभावित हुई है. इस कारण तेल रिफाइनरियों को पहले घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई देने का निर्देश दिया गया है, जिससे कमर्शियल उपयोग करने वाले परेशान हो रहे हैं.

जो समस्या पहले सप्लाई-चेन का संकट थी, वह अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है. सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) केंद्र सरकार की आलोचना कर रही है. वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इसे सत्तारूढ़ पार्टी का “नैरेटिव” बता रही है और कोशिश कर रही है कि पश्चिम एशिया का यह संघर्ष तमिलनाडु में पार्टी के लिए चुनावी नुकसान न बन जाए.

डीएमके नेता इस ईंधन की कमी को केंद्र की विदेश नीति की “नाकामी” और तमिलनाडु की अनदेखी का सबूत बता रहे हैं. बीजेपी को पता है कि वह यहां ज्यादातर चुनाव गठबंधन के जरिए लड़ती है, इसलिए वह ज़मीनी स्तर पर आक्रामक तरीके से जवाब दे रही है, ताकि अपनी छवि बचा सके और अपने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगियों को भी नुकसान से बचा सके.

डीएमके नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “केंद्र सरकार को पश्चिम एशिया के देशों से कच्चे तेल की स्थिर सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक कदम उठाने चाहिए.”

मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने हाल ही में खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री आर. सक्करापानी के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर कमर्शियल एलपीजी, पेट्रोल और डीज़ल की सप्लाई तुरंत बहाल करने की मांग की है.

यह पत्र राज्यसभा सांसद कनिमोझी ने सौंपा. पत्र में कहा गया है कि इस कमी का असर आम जनता और व्यावसायिक संस्थानों पर नहीं पड़ना चाहिए. इसमें रेस्टोरेंट्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की भी मांग की गई है.

स्टालिन ने यह भी कहा कि डीएमके के सांसदों ने संसद परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की.

उन्होंने एक्स पर कहा, “केंद्र सरकार ने कहा है कि ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. इसलिए मैं जनता से अपील करता हूं कि घबराएं या चिंता न करें. इस समय हमें एकजुट होकर पश्चिम एशिया की युद्ध स्थिति से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए.”

बुधवार को त्रिची में डीएमके पर वंशवाद और “वैज्ञानिक भ्रष्टाचार” का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलपीजी की कमी के मुद्दे पर कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, “कोरोना महामारी के दौरान हमने दिखाया कि भारत एक परिपक्व देश है और हम इस स्थिति को भी परिपक्वता से संभालेंगे.”

इस बीच, तमिलनाडु बीजेपी इकाई के अध्यक्ष नैणार नागेंद्रन ने इससे भी आगे जाकर कहा, “मैं खुद एक एलपीजी डीलर हूं और पुष्टि कर सकता हूं कि कोई कमी नहीं है. यह दावे विपक्षी पार्टियां घबराहट पैदा करने के लिए कर रही हैं.”

जनता की राय

चेन्नई में छोटे-छोटे खाने की दुकानें, जहां कॉलेज के छात्र, अस्पताल आने वाले लोग और रोज़ कमाने वाले मजदूर खाना खाते हैं, इस स्थिति से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं.

शहर के एक कॉलेज के पास ऐसी ही एक दुकान ने गुरुवार को “छुट्टी” घोषित कर दी. अमिंजिकारई में रेस्टोरेंट चलाने वाले मुन्ना ने दिप्रिंट से कहा, “दो दिन से गैस नहीं आ रही है. हमें रोज़ सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक दुकान चलाने के लिए दो सिलेंडर चाहिए. यहां बहुत से छात्र आते हैं क्योंकि वे सस्ते नाश्ते के लिए हमारी दुकान पर निर्भर रहते हैं, लेकिन हमें उन्हें वापस भेजना पड़ा.”

मुन्ना के यहां एक मास्टर और दो सहायकों सहित 10 लोग काम करते हैं. उन्होंने कहा कि खाना बनाने का कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है, क्योंकि दुकान मुख्य सड़क पर खुले इलाके में है.

माउंट रोड में खाने की दुकान चलाने वाले मुरुगन जैसे लोगों ने अपना छोटा कारोबार चलाते रहने के लिए मेन्यू कम कर दिया है. उन्होंने कहा, “हम पहले परोट्टा, इडली और डोसा भी परोसते थे, लेकिन हमें उन्हें बंद करना पड़ा क्योंकि उन्हें बनाने में ज्यादा समय लगता है. अब हम सिर्फ फ्राइड राइस और बिरयानी ही दे रहे हैं.”

इसी तरह, बालाजी जैसे बड़े रेस्टोरेंट, जिन्हें पहले एक दिन पहले बताने पर रोज़ छह-आठ कमर्शियल गैस सिलेंडर मिल जाते थे, अब केवल तीन-चार सिलेंडरों पर ही निर्भर हैं.

अन्ना नगर में बालाजी रेस्टोरेंट के मैनेजर सतीश ने दिप्रिंट से कहा, “रेस्टोरेंट को चालू रखने के लिए हमने मेन्यू कम कर दिया है. चावल और इडली जैसे कुछ खाने और टिफिन आइटम इलेक्ट्रिक कुकर में बन सकते हैं, लेकिन रोटी, डोसा और नान जैसे खाने की चीज़ों के समय को हमने सीमित कर दिया है, क्योंकि इन्हें गैस सिलेंडर पर ही बनाना पड़ता है.”

उन्होंने कहा, “हम जितना हो सके उतना संभालने की कोशिश कर रहे हैं.”

अरुंबक्कम के एक प्रभावित रेस्टोरेंट में नियमित आने वाले सिगारम डीएमके की बातों से सहमत नजर आते हैं. उन्होंने कहा, “युद्ध कई दिनों से चल रहा है और भारत के लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं. सरकारी अधिकारी और प्रधानमंत्री कुछ नहीं करेंगे क्योंकि वे प्रभावित नहीं हैं, लेकिन तमिलनाडु के लोग प्रभावित हो रहे हैं…”

उनके अनुसार, बीजेपी का गठबंधन हो सकता है, लेकिन वह तमिलनाडु में कभी सत्ता में नहीं आ सकती.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

share & View comments