(शीर्षक, इंट्रो और पांचवें पैरा में सुधार के साथ)
जम्मू,13 जनवरी (भाषा) लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शक्सगाम घाटी पर चीन के दावे को मंगलवार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का पूरा क्षेत्र भारत का है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी विस्तारवादी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारत की आपत्तियों के मद्देनजर, चीन ने सोमवार को शक्सगाम घाटी पर अपने क्षेत्रीय दावों को दोहराते हुए कहा था कि इस क्षेत्र में चीन की अवसंरचना परियोजनाएं ‘‘बिल्कुल उचित’’ हैं।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘पूरा कश्मीर (पाकिस्तान के कब्जे वाले हिस्से समेत) हमारा है। हमें नहीं पता कि पाकिस्तान ने चीन के साथ क्या सौदा किया है। चीन को यह समझना चाहिए कि उसकी विस्तारवादी नीति से कुछ भी हासिल नहीं होगा। यह 1962 का भारत नहीं, 2026 का भारत है। ऐसे किसी भी प्रयास को विफल कर दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय इसका संज्ञान ले रहा है।’’
गुप्ता ने कहा कि ऐसी किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और चीन को यह समझना होगा कि आज भारत पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने पूर्व में अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर भी दावा किया था।
पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए उपराज्यपाल ने आरोप लगाया कि पड़ोसी देश संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है।
गुप्ता ने कहा, “पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो बिक्री के लिए उपलब्ध है। उसे अपनी संप्रभुता या अपने लोगों की कोई परवाह नहीं है। बलूचिस्तान, सिंध और कराची में आवाज उठ रही है और वहां पाकिस्तानी सेना द्वारा अत्याचार किए जा रहे हैं। उन क्षेत्रों पर वस्तुतः सेना का ही शासन है।’’
गुप्ता ने संवेदनशील मुद्दों पर भड़काऊ बयानों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि पीओके पर संसद का स्पष्ट रुख है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए जो भड़काऊ प्रकृति के हों। 1994 का एक संसदीय प्रस्ताव है जो स्पष्ट रूप से कहता है कि पूरा पीओके भारत का है।’’
सेना प्रमुख के एक हालिया बयान, जिसमें कहा गया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जारी है, पर प्रतिक्रिया देते हुए गुप्ता ने कहा कि सशस्त्र बलों को पूर्ण राष्ट्रीय समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने कहा, ‘‘पूरा देश सेना के साथ खड़ा है। सेना प्रमुख ने एक जिम्मेदारी भरा बयान दिया है और मैं इसका स्वागत करता हूं।’’
पाकिस्तान ने 1963 में शक्सगाम घाटी के 5,180 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र को चीन को अवैध रूप से सौंप दिया था, जिसपर उसने अवैध रूप से कब्जा किया था।
भाषा संतोष नरेश
नरेश सुभाष
सुभाष
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