चंडीगढ़, 19 जून (भाषा) शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते संघर्ष के मद्देनजर पश्चिमी एशिया के दोनों देशों में गुरुद्वारों और गुरु ग्रंथ साहिब के ‘स्वरूपों’ की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर तत्काल उचित कदम उठाने के लिए बृहस्पतिवार को केंद्र से आग्रह किया।
धामी ने यहां एक बयान में इस बात पर जोर दिया कि सिख समुदाय में गुरु ग्रंथ साहिब का विशेष महत्व है और उनका सम्मान व सुरक्षा सुनिश्चित करना समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
धामी ने कहा, “ईरान और इजराइल में मौजूदा अस्थिर परिस्थितियों के कारण उन देशों में स्थित गुरुद्वारों और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकारों की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को अपने राजनयिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग कर ईरान और इजराइल की सरकारों के साथ बातचीत करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गुरुद्वारों या गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को कोई नुकसान न पहुंचे व उनकी पवित्रता पूरी तरह से सुरक्षित रहे।
धामी ने ईरान और इजराइल में रहने वाले सिखों से गुरुद्वारों और स्वरूपों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहने की भी अपील की।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी स्थिति पर करीब से नजर रख रही है और उम्मीद करती है कि केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर तुरंत व संवेदनशील तरीके से काम करेगी।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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