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Wednesday, 1 April, 2026
होमदेशकेंद्र ने सैनिकों की भर्ती में आमूल-चूल परिवर्तन का ऐलान किया

केंद्र ने सैनिकों की भर्ती में आमूल-चूल परिवर्तन का ऐलान किया

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नयी दिल्ली, 14 जून (भाषा) देश ने तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती को लेकर ‘अग्निपथ’ नाम की एक ‘परिवर्तनकारी’ योजना का ऐलान मंगलवार को किया, जिसके तहत सैनिकों की भर्ती छोटी अवधि के लिए संविदा पर की जाएगी।

इस योजना का मकसद रक्षा विभाग के बढ़ते वेतन और पेंशन खर्च को कम करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में योजना को मंजूरी मिलने के थोड़ी ही देर बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मीडिया को नयी पहल के बारे में पूरा ब्योरा उपलब्ध कराया।

सरकार के मुताबिक नयी योजना देशभक्त और उत्साही युवाओं को सशस्त्र बलों में चार सालों तक काम करने का मौका देगी। तीनों सेनाओं के प्रमुखों की उपस्थिति में राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘भारतीय युवाओं को ‘अग्निपथ’ योजना के तहत ‘अग्निवीर’ के रूप में सशस्त्र बलों में काम करने का अवसर मिलेगा। यह योजना देश की सुरक्षा मजबूत करने के लिए है। यह एक परिवर्तनकारी योजना है।’’

सिंह ने कहा कि अनुशासित, प्रेरित और कुशल ‘अग्निवीर’ सेना की सेवा के बाद दोबारा समाज में लौट आएंगे और ये देश के लिए महान संपदा होंगे, क्योंकि हर तरह से लाभकारी स्थिति होगी।

इसे एक प्रमुख रक्षा नीति सुधार बताते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह योजना तत्काल प्रभाव से लागू होगी और तीनों सेवाओं के लिए नामांकन को नियंत्रित करेगी। इसका अर्थ है कि सैनिक भर्ती का मौजूदा ढांचा अब अस्तित्व में नहीं रहेगा।

यह भी कहा गया कि सशस्त्र बल इस साल 46,000 ‘अग्निवर’ भर्ती करेंगे और चयन के लिए पात्र आयु 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी। योजना के तहत भर्ती 90 दिनों के भीतर शुरू होने वाली है।

रोजगार के पहले वर्ष में एक ‘अग्निवीर’ का मासिक वेतन 30,000 रुपये होगा, लेकिन हाथ में केवल 21,000 रुपये ही आएंगे। हर महीने 9,000 रुपये सरकार के समान योगदान वाले एक कोष में जाएंगे।

इसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे वर्ष में मासिक वेतन 33,000 रुपये, 36,500 रुपये और 40,000 रुपये होगा। प्रत्येक ‘अग्निवीर’ को ‘सेवा निधि पैकेज’ के रूप में 11.71 लाख रुपये की राशि मिलेगी और इस पर आयकर से छूट मिलेगी।

ग्रेच्युटी और पेंशन लाभ के लिए कोई अधिकार नहीं होगा और नए रंगरूटों को सशस्त्र बलों में जारी कार्य अवधि के लिए 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।

सशस्त्र बलों द्वारा समय-समय पर घोषित की गई संगठनात्मक आवश्यकता और सेना की नीतियों के आधार पर चार साल की सेवा पूरी होने पर ‘अग्निवीर’ को सशस्त्र बलों में स्थायी नामांकन के लिए आवेदन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘नई प्रक्रिया से हमारी भर्ती प्रक्रिया में एक आदर्श बदलाव आएगा। इससे हमारे रंगरूटों और सैनिकों की युद्धक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण देने के तरीके में बदलाव की आवश्यकता होगी।’’

उन्होंने कहा कि सेना में सैनिकों की भर्ती के लिए तय किए गए शारीरिक, चिकित्सकीय और पेशेवर मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि अग्निपथ योजना के क्रियान्वयन और स्थिरीकरण के दौरान सेना की संचालन क्षमता, सीमाओं पर रक्षा तैयारियों और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता को पूरी तरह से बरकरार रखा जाएगा।’’

जनरल पांडेय ने कहा, ‘‘हम चार साल के लिए प्रारंभिक प्रवेश की जांच के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक पद्धति स्थापित करेंगे और फिर से नामांकन करने वालों का चयन करने के लिए इसी तरह के मानदंड लागू करेंगे।’’

सेना प्रमुख ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि परिवर्तन से बल में ‘नई शक्ति’ और ‘आत्मविश्वास’ आएगा जिससे इसे मजबूत और अधिक सक्षम बनाने में मदद मिलेगी।

जनरल पांडे ने कहा कि योजना का उद्देश्य सेना को भविष्य के लिए तैयार एक लड़ाकू बल बनाना है, जो संघर्ष के व्यापक परिप्रेक्ष्य में कई चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो।

उन्होंने कहा कि तय समय में सेना की एक उन्नत युवा ‘प्रोफाइल’ तैयार हो जाएगी, जिसकी औसत उम्र 32 से घटकर 26 वर्ष हो जाएगी।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सभी ‘अग्निवीर’ को चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद विभिन्न राज्यों और निजी क्षेत्र में रोजगार मिलने की उज्ज्वल संभावनाएं होंगी।

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि नई योजना के तहत महिलाओं को भी सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि इस योजना के तहत महिलाओं की भर्ती संबंधित सेवाओं की जरूरतों पर निर्भर करेगी।

एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि भारतीय वायुसेना गतिशील युवाओं के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है और यह उन्हें उच्च तकनीक वाले वातावरण में प्रशिक्षित करके भविष्य के रोजगार के लिए उनके कौशल को बेहतर बनाएगी।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ‘अग्निवीर’ सशस्त्र बलों में एक अलग रैंक बनाएंगे, जो किसी भी मौजूदा रैंक से अलग होगा।

नामांकन सभी तीन सेवाओं के लिए एक ऑनलाइन केंद्रीकृत प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इसके तहत विशेष रैलियों और मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थानों से कैंपस साक्षात्कार के जरिये चयन किया जाएगा। सशस्त्र बलों के नियमित कैडर में ‘अग्निवीर’ के प्रत्येक विशिष्ट बैच के 25 प्रतिशत सैनिकों का नामांकन किया जाएगा।

वर्तमान में सेना 10 साल के शुरुआती कार्यकाल के लिए ‘शॉर्ट सर्विस कमीशन’ के तहत युवाओं की भर्ती करती है, जिसे 14 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

नयी योजना का उद्देश्य तीनों सेवाओं के वेतन और पेंशन खर्च को कम करना है, जो तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2022-23 के 5,25,166 करोड़ रुपये के रक्षा बजट में से सैन्यकर्मियों की पेंशन के लिए 1,19,696 करोड़ रुपये हैं।

राजस्व व्यय के लिए 2,33,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। राजस्व व्यय में वेतन के भुगतान और प्रतिष्ठानों के रख-रखाव पर खर्च शामिल हैं।

भाषा

संतोष नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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