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Tuesday, 23 April, 2024
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CBSE ने स्कूलों को दी हिदायत, 10वीं के स्टूडेंट्स की परीक्षा छूट गई है तो फोन पर लें एग्जाम

अगर कोई भी उम्मीदवार स्कूल द्वारा किए गए किसी भी असेसमेंट में शामिल नहीं हुआ है, तो स्कूल एक ऑफलाइन/ऑनलाइन या टेलीफोनिक माध्यम से असेसमेंट कर सकता है

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नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों से कहा है कि वे कक्षा 10 में किसी भी इंटरनल असेसमेंट में शामिल नहीं होने वाले छात्रों का ऑनलाइन/ऑफलाइन या टेलीफोन के जरिए मूल्यांकन करें. इसके अलावा कुछ अन्य निर्देश भी बोर्ड द्वारा इस सप्ताह के शुरू में कक्षा 10 के परिणामों को सारणीबद्ध करने के लिए स्कूलों को भेजे गए थे.

बोर्ड ने इस साल दसवीं का फाइनल एग्जाम न होने की वजह से 1 मई को संबद्ध स्कूलों के लिए परीक्षा परिणाम की गणना के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की.

प्रत्येक विषय में छात्रों का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर किया जाता है, जिसमें आमतौर पर इंटरनल असेसमेंट के लिए 20 अंक और अंतिम बोर्ड परीक्षा के लिए 80 अंक शामिल होते हैं . अब जबकि बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं तो सीबीएसई द्वारा पॉलिसी डॉक्युमेंट में कहा गया है कि 80 मार्क्स की गणना इंटरनल्स जैसे यूनिट टेस्ट, प्री-बोर्ड और अन्य टेस्ट के आधार पर भी करनी होगी जो स्टूडेंट्स ने साल भर में लिखे हैं.

बोर्ड ने मंगलवार को स्कूलों को भेजे गए एक विस्तृत एफएक्यू दस्तावेज में कहा, ‘अगर कोई भी उम्मीदवार स्कूल द्वारा किए गए किसी भी असेसमेंट में शामिल नहीं हुआ है, तो स्कूल एक ऑफलाइन/ऑनलाइन या टेलीफोनिक माध्यम से असेसमेंट कर सकता है और डॉक्युमेंट्री रिकॉर्ड के लिए सिफारिशों को प्रमाणित कर सकता है.

उन्होंने कहा कि छात्र का मूल्यांकन प्रत्येक विषय के अधिकतम अंकों में से स्कूल द्वारा उस आधार पर मूल्यांकन किया जा सकता है.

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स्कूलों द्वारा रिजल्ट की गणना की स्पष्टता के बाद एफएक्यू एक अतिरिक्त डॉक्युमेंट है.


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छात्रों को अनुपस्थित मार्क किया जा सकता है

बोर्ड ने यह भी कहा कि अगर कोई छात्र शहर में नहीं है या टेलीफोनिक मूल्यांकन के लिए फोन पर भी उपलब्ध नहीं हो पाता तो उसे अनुपस्थित चिह्नित किया जा सकता है. यदि स्कूल महामारी के कारण प्री-बोर्ड में अनुपस्थित रहने वाले छात्र के माता-पिता तक नहीं पहुंच पा रहा है, तो उस छात्र को भी अनुपस्थित चिह्नित किया जाएगा. यदि किसी अन्य कारण से छात्र का पता नहीं चल पाता है तो उसे भी अनुपस्थित चिह्नित किया जाए.

सीबीएसई सूत्रों के मुताबिक कई स्कूलों ने उन्हें बताया था कि कुछ छात्र किसी इंटरनल असेसमेंट में शामिल नहीं हुए हैं और महामारी की वजह से स्कूल भी फोन पर या तो छात्रों या उनके अभिभावकों तक पहुंचने में असमर्थ रहे हैं. ऐसे मामलों के लिए बोर्ड ने स्पष्ट किया कि स्कूलों को परीक्षा में अनुपस्थित उन छात्रों को चिह्नित करने की अनुमति है .

ताजा दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि छात्रों के माता-पिता को इस बार परिणाम घोषित होने के बाद परीक्षा की प्रतियां देखने या अंकों को वेरिफाई करने की अनुमति नहीं दी जाएगी .

सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों के लिए बोर्ड द्वारा तय नीति का पालन करना अनिवार्य है.

स्कूलों को अंको को 30 जून तक तैयार कर बोर्ड को सौंपना होगा जिसके आधार पर परिणाम घोषित किए जाएंगे. बोर्ड द्वारा अभी तक रिजल्ट घोषित करने की कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है.

इस लेख को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.


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