नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मध्य प्रदेश के इटारसी में तैनात पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल मैकेनिकल इंजीनियर (डीएमई) अजय कुमार ताम्रकर को अपने बंगले में चपरासी के रूप में नियुक्ति के लिए एक व्यक्ति से 3.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
आरोप है कि शिकायतकर्ता ने 2017 से तीन साल से अधिक समय तक ताम्रकर के आधिकारिक आवास पर चपरासी के रूप में काम किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वह रेलवे में नियमित नौकरी के योग्य हो गया था, जिसका जिक्र उसने ताम्रकर से किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शिकायत के अनुसार ताम्रकर ने उसे अपने बंगले में चपरासी की नौकरी जारी रखने के लिए कहा। यह शिकायत अब प्राथमिकी का हिस्सा है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बार-बार कहने के बाद ताम्रकर ने उसे 16 दिसंबर, 2021 से अपने बंगले में आने से रोक दिया। शिकायतकर्ता उससे ‘‘बंगला चपरासी’’ के रूप में नौकरी में वापस लेने और रोजगार को नियमित करने का आग्रह करता रहा। व्यक्ति ने आरोप लगाया कि हाल में ताम्रकर ने उसे चपरासी के रूप में वापस नौकरी पर रखने के लिए 3.5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘वरिष्ठ डीएमई, डीजल लोकोशेड, पश्चिम मध्य रेलवे, इटारसी (मध्य प्रदेश) के खिलाफ शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। यह आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से उसे चपरासी के रूप में काम पर रखने के लिए 3.5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।’’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत के तौर पर 50,000 रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया।’’
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