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Wednesday, 20 May, 2026
होमदेश‘50 लाख की रिश्वत’ के लिए टेंडर में हेरफेर करने वाले आर्मी कर्नल को CBI ने किया गिरफ्तार किया

‘50 लाख की रिश्वत’ के लिए टेंडर में हेरफेर करने वाले आर्मी कर्नल को CBI ने किया गिरफ्तार किया

अधिकारी पर आरोप है कि उसने कानपुर की एक कंपनी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया, जो लंबे समय से देशभर के कई रक्षा प्रतिष्ठानों को सामान सप्लाई करती रही है.

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नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को भारतीय सेना के कर्नल रैंक के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप है कि उसने कानपुर की एक रक्षा सप्लायर कंपनी से रिश्वत लेकर टेंडर में हेरफेर किया और घटिया सैंपल पास किए.

अधिकारी की पहचान हिमांशु बाली के रूप में हुई है. वह आर्मी ऑर्डिनेंस कॉर्प्स की ईस्टर्न कमांड में तैनात है, जिसकी पूर्वी सेक्टर में हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई में अहम भूमिका होती है. एजेंसी के एक सूत्र ने बताया कि उसे मंगलवार को कोलकाता में गिरफ्तार किया गया और दिल्ली लाया जा रहा है.

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत केंद्रीय एजेंसी द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, बाली कथित तौर पर कानपुर की कंपनी ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड और उसके मालिक अक्षत अग्रवाल तथा उसके पिता मयंक अग्रवाल के करीबी संपर्क में था.

सूत्रों के आधार पर दर्ज एफआईआर में आगे कहा गया है कि यह कंपनी लंबे समय से देशभर के कई रक्षा प्रतिष्ठानों को सप्लाई करती रही है और पिता-पुत्र की जोड़ी लंबे समय से ईस्टर्न कमांड, कोलकाता के कर्नल हिमांशु बाली के साथ “नियमित संपर्क” में थी, ताकि गलत तरीके से फायदे हासिल किए जा सकें.

सीबीआई की एफआईआर में कहा गया है, “इन फायदों में टेंडर दिलाने में हेरफेर, घटिया सैंपल को मंजूरी देना और लंबित व बढ़े हुए बिलों को पास करना शामिल है.”

एफआई में आगे कहा गया है कि ईस्टर्न कमांड, कोलकाता द्वारा उनकी कंपनियों को कई टेंडर दिए गए. इसके बदले कर्नल हिमांशु बाली और अन्य अज्ञात अधिकारियों को भारी रिश्वत दी गई.

सीबीआई ने आगे बताया कि कथित सौदे के तहत कंपनी को इस साल मार्च-अप्रैल में एक टेंडर दिया गया था, जिसके लिए कर्नल बाली ने 22 अप्रैल को कोलकाता के पार्क स्ट्रीट में हुई मुलाकात के दौरान रिश्वत मांगी थी. कथित तौर पर यह कॉन्ट्रैक्ट 24 अप्रैल को मंजूर किया गया.

एफआई में आगे कहा गया है, “सूत्र ने आगे बताया कि 16.05.2026 को कर्नल हिमांशु बाली ने श्री अक्षत अग्रवाल से संपर्क किया और पहले किए गए वादे के अनुसार बाकी रिश्वत राशि की याद दिलाई तथा उसे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहुंचाने को कहा.”

हालांकि, अक्षत ने “बड़ी रकम” होने की वजह से परेशानी जताई.

एफआई में आगे कहा गया है, “उसी दिन कर्नल हिमांशु बाली ने कथित तौर पर दिल्ली में रहने वाले श्री अक्षत अग्रवाल के ड्राइवर/सहयोगी श्री आशुतोष शुक्ला से संपर्क किया और उसे निर्देश दिया कि वह रिश्वत की रकम हर हाल में श्री नरेश पाल तक पहुंचाना सुनिश्चित करे.”

सीबीआई ने आगे दर्ज किया कि अक्षत अग्रवाल दिल्ली के चांदनी चौक में एक बिचौलिए के जरिए बाली को 50 लाख रुपये पहुंचाने की व्यवस्था कर रहा था.

एफआई में कहा गया है, “सूत्र ने आगे खुलासा किया कि 18.05.2026 को श्री अक्षत अग्रवाल दिल्ली में श्री नरेश पाल को लगभग 50 लाख रुपये पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे थे. यह रकम कथित तौर पर कर्नल हिमांशु बाली को दी जाने वाली बाकी रिश्वत थी. आशुतोष शुक्ला चांदनी चौक, दिल्ली से हवाला चैनलों के जरिए यह रकम लेने और किसी भी समय श्री नरेश पाल तक पहुंचाने वाले थे.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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