नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा)राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने वेब-आधारित प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली एक आगामी फिल्म का शीर्षक ‘‘नकारात्मक रूढ़ियों को बढ़ावा देने वाला’ और ‘एक सामाजिक समूह को बदनाम करने वाला’ होने के आरोप पर संज्ञान लेते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी किया है।
नेटफ्लिक्स पर यह फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ शीर्षक से रिलीज की जानी है और कहानी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी एक आकर्षक और रोमांचक रात की योजना तब धराशायी हो जाती है जब वह खुद को दिल्ली के मध्य में घटित हो रही एक वैश्विक साजिश के बीच फंसा हुआ पाता है।
‘जेम्स ऑफ बॉलीवुड’ के संस्थापक और मामले में शिकायतकर्ता संजीव नेवार ने आरोप लगाया है कि फिल्म में ‘‘जातिवादी और भेदभावपूर्ण सामग्री’’ है।
नेटफ्लिक्स की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
नेवार ने तीन फरवरी को एनएचआरसी में की गई शिकायत में कहा कि यह शीर्षक सीधे तौर पर एक विशेष जाति को भ्रष्टाचार और अनैतिक व्यवहार से जोड़ता है।
भाषा धीरज पवनेश
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