गुरुग्राम, 30 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व अवैध लिंग जांच करने में कथित रूप से शामिल एक चिकित्सक और एक ‘आशा’ कार्यकर्ता को गुरुग्राम और दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की एक संयुक्त छापेमारी के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
गुरुग्राम के सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि टीम ने चार आरोपियों को पकड़कर दिल्ली पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस ने गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन निषेध) (पीएनडीटी) अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। इस अधिनियम के तहत जन्म से पहले लिंग का पता लगाने पर प्रतिबंध है।
अधिकारी ने बताया कि दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से बरामद सामान को सील कर दिया है, जिसमें एक अल्ट्रासाउंड मशीन भी शामिल है।
यादव ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि आशा कार्यकर्ता अनीता दिल्ली के सरिता विहार स्थित वालिया मटर्निटी सेंटर में डॉ. नीलम वालिया की मदद से गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण कराने में शामिल है।
अधिकारी ने बताया कि सूचना के आधार पर एक टीम बनाई गई जिसमें डॉ. प्रदीप, डॉ. हर्ष, डॉ. रवि और सहायक सुभाष शर्मा शामिल थे। यादव ने कहा कि एक गर्भवती महिला को नकली ग्राहक बनने के लिए कहा गया और उसे अनीता से मिलवाया गया, जिसने लिंग परीक्षण के लिए 40,000 रुपये मांगे।
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