नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिव्यांगता के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी।
सरकारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसमें कहा गया है कि इस द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन से दिव्यांगता के क्षेत्र में संयुक्त पहल के माध्यम से दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, भारत सरकार और दक्षिण अफ्रीका सरकार के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करेगा। यह भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा।
इस समझौता ज्ञापन से दोनों देशों में बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी) लाभान्वित होंगे जिन्हें विशेष रूप से आधुनिक, वैज्ञानिक, टिकाऊ, कम लागत वाली सहायक सामग्री और सहायक उपकरणों की आवश्यकता है।
बयान के अनुसार, स्वतंत्रता और न्याय के लिए संघर्ष के संदर्भ में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच एक लंबी ऐतिहासिक कड़ी और संबंध हैं, जब महात्मा गांधी ने एक सदी पहले दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया था।
इसमें कहा गया है कि रंगभेद विरोधी आंदोलन के समर्थन में भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी सबसे आगे था। स्वतंत्रता के बाद, 1993 में दक्षिण अफ्रीका के साथ राजनयिक संबंध बहाल हुए और उसके बाद, भारत और दक्षिण अफ्रीका ने मार्च, 1997 में एक रणनीतिक साझेदारी की।
इसके बाद, द्विपक्षीय और ब्रिक्स, आईबीएसए और अन्य मंचों के माध्यम से दक्षिण अफ्रीका के साथ हमारे घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध मजबूत हुए । दोनों देशों के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग, रक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य, मानव आवासन, लोक प्रशासन एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में कई द्विपक्षीय समझौते हुए हैं।
कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने और अन्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय सहयोग उल्लेखनीय रहा है।
भाषा दीपक दीपक नरेश
नरेश
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