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बीएस येदियुरप्पा की फ़ोटो | फेसबुक
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बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को विधानसभा में उन ऑडियो टेपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की जिनमें कथित रूप से भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा राज्य की कांग्रेस-जद(सेक्युलर) सरकार को गिराने का दावा कर रहे हैं.

कुमारस्वामी ने सदन में स्पीकर रमेश कुमार के भावनात्मक भाषण के बाद यह घोषणा की. उल्लेखनीय है कि टेपों में स्पीकर का भी ज़िक्र है. उन्होंने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले को उठाया और आरोप लगाया कि स्पीकर के पद को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की साजिश की गई है.

वहीं दूसरी तरफ ऑडियो पर मचे हंगामें के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया सहित कई मीडिया हाउस ने खबर छापी की बीएस येदियुरप्पा ने माना कि हां ऑडियो में आवाज उनकी है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि टेप को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है. बता दें कि भाजपा नेता ने पहले क्लिप को झूठा बताया था बात में यू टर्न ले लिया है.

स्पीकर ने कहा, ‘विधानसभा में बहुत जिम्मेदारी के एक पद पर आसीन व्यक्ति के बयान में दावा किया गया है कि मुझे, रमेश कुमार को, विधायकों के इस्तीफे तत्काल स्वीकार करने के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं.’ उन्होंने कहा कि इन आरोपों के बाद उनके लिए स्पीकर पद की गरिमा को बनाए रखना कठिन हो गया है क्योंकि ऐसा लग सकता है कि वह आसानी से ‘खरीदे’ जा सकते हैं.

उन्होंने आगे कहा, ‘ऑडियो टेप में ये भी कहा गया है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो भी स्थिति संभाल ली जाएगी. मैंने इसमें प्रधानमंत्री के नाम का ज़िक्र भी सुना है.’

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के सात विधायकों के कई हफ्ते से मुंबई के एक होटल में डेरा डाल रखने की पृष्ठभूमि में 8 फरवरी को ऑडियो टेपों को जारी किया था. ये विधायक मंत्री नहीं बनाए जाने या बोर्डों और निगमों के अध्यक्षों जैसे प्रमुख पदों पर नहीं बिठाए जाने को लेकर असंतुष्ट हैं.

एक टेप में कथित रूप से येदियुरप्पा, देवदुर्ग के भाजपा विधायक शिवनगौडा नाईक तथा गुरमित्कल के जद (सेक्युलर) विधायक नगनगौडा कंडकूर के बेटे शरणगौडा कंडकूर के बीच बातचीत रिकॉर्ड है.

दूसरे टेप में शिवनगौडा और शरणगौडा कंडकूर के बीच कथित बातचीत है.

उनके बीच कथित रूप से राज्य की गठबंधन सरकार को गिराने के भाजपा के प्रयासों, जिसे ऑपरेशन कमल 3.0 कहा जा रहा है, पर चर्चा हो रही है. इस अभियान के केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन, खास कर कांग्रेस, के विधायकों से इस्तीफे दिलाने की योजना है.

प्रस्तुत है इन ऑडियो टेपों में दर्ज पूरी बातचीत:

ऑडियो क्लिप 1

बीएस येदियुरप्पा: आइए, बैठिए..

येदियुरप्पा: आजकल क्या कर रहे हैं?

शरणगौडा (गुरमित्कल के विधायक का बेटा): सर, मैं पूरे समय यही काम (राजनीति) करता हूं.

येदियुरप्पा: नहीं, नहीं. आप काम क्या करते हैं?

शिवनगौडा नाईक (भाजपा विधायक): सर, इनका मतलब है पूरी तरह से राजनीति में हैं. पूरा विधानसभा क्षेत्र खुद यही मैनेज करते हैं. अपने पिता के मौजूद नहीं रहने पर सब कुछ यही संभालते हैं.

शिवनगौडा नाईक: सर, आपका स्वास्थ्य कैसा है?

येदियुरप्पा: बढ़िया. बहुत अच्छा.

शिवनगौडा नाईक: हमें मालूम पड़ा कि आप देवदुर्ग (रायचूर ज़िला) में थे.

येदियुरप्पा: आपके पिता की क्या उम्र होगी?

शरणगौडा: सर, 72-73.

येदियुरप्पा: … 72

येदियुरप्पा: आप खड़े होंगे (चुनाव में) क्या?

शरणगौडा: सर, मैं नहीं जानता क्या होगा.

येदियुरप्पा: कल यदि सब कुछ सही रहा तो आप चुनाव लड़ेंगे?

शरणगौडा: सर, मैंने ऐसा कुछ नहीं सोचा है. मैंने अभी फैसला नहीं किया है.

शिवनगौडा नाईक: नहीं, ये पूछ रहे हैं कि चुनाव आप लड़ेंगे या आपके पिता?

शरणगौडा: सर, ये इस पर निर्भर करेगा कि स्थिति क्या रहती है.

येदियुरप्पा: कुछ नहीं होगा. चिंता नहीं करें. अगले चार दिनों में सब कुछ संपन्न हो जाएगा. आप मंत्री बन जाएंगे और अपना काम करेंगे. हमारे पास यहां (कालबुर्की और यादगीर ज़िलों में) कोई नहीं है. आपको मंत्री बनाने में हमें कोई दिक्कत नहीं होगी. हम यहां और वहां जो कुछ भी होता है उसे मैनेज कर लेंगे.

शिवनगौडा नाईक: सर, ये बहुत सक्रिय नेता हैं. अपने क्षेत्र में, ये बहुत अच्छे नेता हैं.

येदियुरप्पा: हमारी दो समस्याएं हैं. पहली, वहां हमारा कोई नहीं है; दूसरी, यहां किसी को मंत्री बनाना मुश्किल है. इसलिए यदि आप कहते हैं कि अपने पिता की जगह आप चुनाव लड़ेंगे तो काम करना आसान रहेगा.

शरणगौडा: हां सर.

शरणगौडा: यदि मैं अकेले आता हूं (भाजपा के पाले में) तो इससे काम चलेगा… मुझे नहीं पता कि इससे कोई समस्या होगी. मैं इसको लेकर बहुत घबराया हुआ हूं.

येदियुरप्पा: देखिए, आपको दो बातें समझने की ज़रूरत है. चूंकि आप पहले ही सब कुछ संभाल रहे हैं, आप बंबई (मुंबई) आइए. डॉ. सुधाकर भी कल बंबई में हमारे खेमे में आ गए. वो सुबह निकले और वहां हमारे साथ आ मिले. विधानसभा की बैठक के बाद कल दो और लोग जाएंगे, कुल 13-14 लोग हो जाएंगे. हमें शायद एक और की ज़रूरत होगी. हम इनलोगों को मंत्री पद या कुछ और का वायदा नहीं करेंगे.

साथ ही, समझने की कोशिश कीजिए, जब मैं वहां किसी के नहीं होने की बात करता हूं तो यह इस समय किसी के नहीं होने की बात है, समझ गए? जो कि आपके लिए अच्छा है. यह आपके लिए बढ़िया मौका है. सब मेरे ऊपर छोड़ दें. मैं आपका अपने बेटे जैसा ध्यान रखूंगा. यदि मैं ज़िंदगी में कोई वचन देता हूं, तो उसे पूरा करता हूं. ज़्यादा चिंता नहीं करें, सब मुझ पर छोड़ कर जाइए. अपनी ज़िंदगी में, जब मैं किसी से कुछ वायदा करता हूं, मैं कभी पीछे नहीं हटता या लोगों से धोखा नहीं करता. हम चुनाव के लिए आपको पैसे देंगे और आपका ध्यान रखेंगे.

शिवनगौडा नाईक: हम विजयन्ना (येदियुरप्पा के बेटे बीवाय विजयेंद्र) से इन सब के बारे में बात करेंगे.

येदियुरप्पा: विजयेंद्र भी वहीं (मुंबई में) है. निन्यानवे फीसदी भरोसा है कि हमारी संख्या शीघ्र ही 14 से 15 तक हो जाएगी.

शिवनगौडा नाईक: हमें अचरज नहीं होगा यदि यह 20 के करीब पहुंच जाए.

शरणगौडा: सर, ये लोग मुझे मेरे पिता की सदस्यता जाने के बारे में कहते रहते हैं. बड़ा कठिन हो जाएगा यदि वह इस उम्र में सदस्यता गंवाते हैं. इस उम्र में उन्हें मैं परेशान नहीं करना चाहता.

येदियुरप्पा: ये लोग, सिद्धारमैया और अन्य, इस तरह की बातें करते रहते हैं; उनमें हिम्मत नहीं है. पिछले तीन दिनों से वह (सिद्धारमैया) इस तरह की बातें कर रहा है कि हम सदस्यता रद्द कर देंगे. क्या कोई व्हिप या अयोग्य ठहराए जाने की चिंता करता है? कल हमारी संख्या 11 हो जाएगी, इनका कुछ नहीं बिगड़ेगा.

शिवनगौडा नाईक: आपको इस बात पर गौर करना चाहिए कि एक वीरशैव का मुख्यमंत्री बनना एक ऐतिहासिक फैसला होगा. कुमारन्ना (मुख्यमंत्री कुमारस्वामी) और सिद्धारमैया कौन हैं? ये आपके समुदाय से नहीं हैं. आपको ताउम्र इसका श्रेय मिलेगा.

शरणगौडा: हां सर.

शिवनगौडा नाईक: अपने लिए, हम एक लिंगायत चाहते हैं. हमें इसका श्रेय मिलेगा.

शरणगौडा: हां सर.

शरणगौडा: हमें इस बात की चिंता है कि लोग कहते हैं हम भाजपा शासन के 16 विधायकों की तरह अयोग्य करार दिए जाएंगे.

शिवनगौडा नाईक: वो अलग मामला था. आज से, येदियुरप्पा हर बात की ज़िम्मेदारी लेंगे, ये वचन के पक्के इंसान हैं.

येदियुरप्पा: अरे, वैसा कुछ नहीं होगा.

येदियुरप्पा: वो अलग मामला था. ये अयोग्य ठहराए जाने की बात कर रहे हैं. वैसा कुछ नहीं होगा.

शिवनगौडा नाईक: सुनिए शरणगौडा, यदि सर आपसे कुछ वादा कर रहे हैं, तो वो पत्थर की लकीर की तरह है. ये सारी चीज़ों का ख्याल रखेंगे. जब मैं एक राजनीतिक सचिव बनना चाहता था, इन्होंने इसे पूरा कराया. ये आपका ध्यान रखेंगे. आपको मज़बूत रहना होगा और ये वचन के पक्के हैं.

शिवनगौडा नाईक: आपके चुनाव क्षेत्र का काम भी हम पूरा करेंगे. सर, अपने पिता के चुनाव क्षेत्र में सारा काम यही करते हैं. इन्होंने अपने दम पर पांच ज़िलों में काम किया है. ये बहुत अच्छे हैं. हमें राजवीर जैसे किसी व्यक्ति का समर्थन नहीं करना पड़ेगा. वहां ऐसी कोई समस्या नहीं होगी. यह अपने दम पर ये सब करने में सक्षम हैं सर.

शिवनगौडा नाईक: सर, इनके पिताजी इनके कारण ही जीतते हैं. इनके पास अच्छी संगठनात्मक क्षमता है. हम इन्हें मंत्री बना सकते हैं. ये कुछ ना कुछ करेंगे और अपने पिता को समझा लेंगे, सर, ये कर लेंगे. अब राघवेंद्र, विजयेंद्र के साथ शरणगौडा आपके बेटे की तरह हैं. ये काम हो जाएगा, सर.

येदियुरप्पा: एक बार मैं कोई वचन दे देता हूं, मैं अपनी बात पर कायम रहता हूं. ये हुई पहली बात. और दूसरी, आप अपने पिता को राज़ी करेंगे और आप वहां पहुंचेंगे और खुद अपनी आंखों से देखेंगे. आप खुद आकर देख सकते हैं.

शरणगौडा: सर, उनलोगों ने उन्हें कल 9.30 बजे विधायक दल की बैठक के लिए बुलाया है.

शिवनगौडा नाईक: उन्हें बैठक में जाने दें. अपने पिता को बैठक में भाग लेने दें. आप बंबई आएं और खुद देखें और अपने पिता को भरोसा दिलाएं. उन्हें अपना इस्तीफा बाद में देने दें.

येदियुरप्पा: उन्हें जाने ही नहीं दें.

शिवनगौडा नाईक: हां सर, मैं ये संभाल लूंगा.

शरणगौडा: वे हम पर भरोसा नहीं करते हैं, सर. कांग्रेस किसी किले की तरह है. आपको पता है इस विधानसभा क्षेत्र में क्या स्थिति है. यदि हम ऐसा कोई फैसला करते हैं, तो फिर हम चुनाव में आपका पूरा समर्थन चाहेंगे.

येदियुरप्पा: निश्चित रूप से. हम ऐसा करेंगे. बाबूराव भी हमारे साथ आ चुके हैं. ये अब कोई समस्या नहीं रह जाएगी. इसमें आसानी रहेगी.

शिवनगौडा नाईक: शरण, आपके लिए मंत्री बनने का अवसर, यह आपके पूर्व के अच्छे कर्मों का फल है. आप हिम्मत जुटाइए. हम आपका साथ देंगे. राजू और मैं आऊंगा और बैठूंगा और इस संबंध में मदद करूंगा… क्या ये सब बहुत नहीं है? वेंकट रेड्डी भी काम करेगा. हम नतीज़े का मिलकर सामना करेंगे. आप मंत्री बनेंगे और हम वहां तक पहुंचाने में आपकी मदद करेंगे. मैं आपको लिखकर दूंगा कि हम आपको शतप्रतिशत जिताएंगे. हम सब मिलकर काम करेंगे.

शरणगौडा: हां सर.

येदियुरप्पा: हम लोगों को शामिल कर रहे हैं. हम 12 लोगों को मंत्री बनाएंगे और उनमें से 6 से 8 को चेयरमैन बनाएंगे. हम जिन्हें मंत्री बनाएंगे, उन्हें हम चुनाव जीतने में मदद करेंगे. हम उनमें से प्रत्येक को 10 करोड़ रुपये देंगे.

शरणगौडा: सर, चुनाव के खर्चे का क्या होगा?

येदियुरप्पा: हम 10 करोड़ रुपये देंगे भाई. मैं आपको अपने बेटे विजयेंद्र की तरह रखूंगा. मैं आपकी ज़िंदगी की हर बात का ख्याल रखूंगा. जब मैं आपके जीवन में हर बात का सौ फीसदी ख्याल रखने की बात कर रहा हूं तो यकीन करें. एक भी सेकेंड खराब नहीं करें, आप बस बंबई आ जाएं.

शिवनगौडा नाईक: सर पर भरोसा करें. आपको सर पर भरोसा करना चाहिए. ये राजनीति के पितृपुरुष जैसे हैं. ये बड़े आदमी हैं और आपका ख्याल रखेंगे.

येदियुरप्पा: देखिए, आप सही समय पर आए हैं. मैंने मंदिरों की यात्रा पूरी कर ली है और अच्छे काम होने लगे हैं. चिंता नहीं करें, बस बंबई आ जाइए, अपने पिता के बिना, और सब कुछ सही रहेगा.

शिवनगौडा नाईक: ये अपने पिता को समझा लेंगे, सर.

येदियुरप्पा: आपका आना ही काफी रहेगा.

शरणगौडा: सर, उन्होंने आज एक नोटिस दिया है कि यदि कोई विधायक उपस्थित नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी.

येदियुरप्पा: इन बातों का कोई मतलब नहीं है. ये कोई कानूनी समस्या नहीं बनेगी. कल शाम तक आप देखेंगे कि हमारे साथ 12-14 लोग होंगे. इन 10 लोगों में डॉ. सुधाकर शामिल हैं… 11 अन्य, इनमें से किसी को कुछ भी (नोटिस) नहीं मिला है, इसलिए अब कोई इसकी (व्हिप) परवाह नहीं करता. अब कुल मिलाकर 11 लोग हो गए हैं बंबई में.

शरणगौडा: यदि मैं अकेले आऊं तो कोई समस्या होगी?

येदियुरप्पा: नहीं, कल शाम तक हमारे साथ 12 लोग होंगे.

येदियुरप्पा: आपके पिता को आने की आवश्यकता नहीं है. दो बातें हैं… सर्वप्रथम, आप वहां आएं और उसके बाद अपने पिता को इस्तीफा देने के लिए राज़ी करें.

शिवनगौडा नाईक: मैं आपके साथ बंबई चलूंगा. यह सुनिश्चित करूंगा कि आपको आपके पैसे मिलें.

येदियुरप्पा: आप कल वहां पहुंचें. वहां 16 दिनों तक रहें और फिर बाद में अपने पिता को इस्तीफा देने के लिए राज़ी करें.

शिवनगौडा नाईक: आप अपने पिता को राज़ी करेंगे. उसके बाद, हम आपको आपके पैसे देंगे.

शरणगौडा: सर, हम एक मध्यवर्गीय परिवार से आते हैं और हमने अपने काम से अपना नाम बनाया है. हम ये चुनाव जीतने के लिए आपकी मदद चाहेंगे.

येदियुरप्पा: देखिए, इस बात को समझिए कि सब बातों को अंतिम रूप देने के बाद और आपको मंत्री घोषित करने से पहले, मैं 10 करोड़ रुपये सुनिश्चित करूंगा. उसके बाद हम देखेंगे कि चुनाव के लिए क्या किया जा सकता है, फिर आपको और पैसे दूंगा. आपको विधायक बनाना हमारी ज़िम्मेदारी है. आपका काम है अपने पिता को राज़ी करना.

शरणगौडा: इस पर मेरी कोई आपत्ति नहीं है सर. मेरा आप पर भरोसा है पर ऐसा नहीं हो कि आगे चलकर हम ना इधर के रहें, ना उधर के.

येदियुरप्पा: आज की स्थिति में, 10-12 दिन बीत चुके हैं जब हमने मुंबई में ये सब शुरू किया था. 11 विधायक वहां थे, अब दो वापस आ गए हैं. डॉ. सुधाकर आज सुबह पहुंच गए हैं.

शिवनगौडा नाईक: केआरपेट (कृष्णराजपेट) के विधायक नारायण भी मुंबई में हैं.

येदियुरप्पा: आज जद (सेक्युलर) कहां है? कोई पूछेगा कि आपके पिता किस दल में हैं?

शिवनगौडा नाईक: जद (सेक्युलर) की सरकार गिर जाएगी.

येदियुरप्पा: आप वहां पहुंचकर अच्छी तरह जान पाएंगे.

शिवनगौडा नाईक: साथ ही, आप अपने राजनीतिक भविष्य की सोचें. आप युवा हैं, मात्र 30 साल के. इस उम्र में यदि आप मंत्री बन जाते हैं, आप इतिहास रच देंगे.

येदियुरप्पा: वहां से हम किसी और को मंत्री नहीं बनाएंगे. सिर्फ आप होंगे. मैंने वचन दिया है, मैं इसे पूरा करूंगा. औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, हम पैसे की बात करेंगे.

शिवनगौडा नाईक: मैं विजयन्ना से इस बारे में बात करूंगा सर.

येदियुरप्पा: यह वहां जाएंगे और विजयेंद्र से मिलेंगे.

शिवनगौडा नाईक: जद (सेक्युलर) का कोई भविष्य नहीं है. हमारे साथ आपकी बेहतर संभावनाएं हैं सर.

ऑडियो क्लिप 2

शिवनगौडा नाईक: जो भी कहना हो आप साहेब (येदियुरप्पा) से कहें… जब यह पक्का हो जाता है, तब मैं उनसे बात करूंगा. मुझे बताया गया है कि संख्या पहले ही 10 तक पहुंच चुकी है. कल, तीन और के जुड़ने की उम्मीद है. हमारा लक्ष्य 15 विधायकों को एकजुट करने और उनसे इस्तीफे दिलवाने की है. पहले ही स्पीकर रमेश कुमार को पैसे दे दिए गए हैं कि उन तक इस्तीफे पहुंचते ही वे फटाफट उसे मंज़ूर कर लें.

शरणगौडा: ऐसी बात है?

शिवनगौडा नाईक: हां, 50 करोड़.

शरणगौडा: पर मुझे बताया गया कि वो कांग्रेस के पक्ष में हैं.

शिवनगौडा नाईक: वह तुरंत इस्तीफे स्वीकार करेंगे, चिंता ना करें. मैं आपको बाद में बताऊंगा ये सब कैसे मैनेज किया गया. यदि इस्तीफे स्वीकार नहीं किए जाते, तो वे संवैधानिक संकट खड़ा करेंगे और राज्यपाल शासन लगवाएंगे. भाजपा सुनिश्चित करेगी कि एक अदालती फैसले के ज़रिए इस्तीफे मंजूर कराए जाएं. सरकार के गठन के लिए कहने के अलावा कोई चारा नहीं है. ये सब उच्चतम स्तर पर हुआ है… मोदी, अमित शाह और गवर्नर के स्तर पर.

शरणगौडा: ये तभी हो सकता है जब ये लोग शामिल हों.

शिवनगौडा नाईक: यहां तक कि उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर भी, अमित शाह ने बातचीत की है ताकि यदि स्पीकर की तरफ से कोई समस्या खड़ी की जाती है… सारी तैयारी है.


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