नयी दिल्ली, चार मार्च (भाषा) कांग्रेस ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की टिप्पणियों पर उनकी आलोचना को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पलटवार करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल के बयान या तो अज्ञानता से या ‘पूरी तरह से भ्रामक राजनीति’ से उपजे हैं और दोनों का ही लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है।
विश्वविद्यालय में गांधी ने टिप्पणी की थी कि भारतीय लोकतंत्र पर हमला हो रहा है और उनके (राहुल) समेत कई राजनीतिक नेताओं की निगरानी की जा रही है। इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस का भाजपा से वाक युद्ध छिड़ गया और सत्तारूढ़ दल ने विपक्षी नेता पर विदेशी धरती पर भारत को बदनाम करने का आरोप लगाया है। इसके बाद कांग्रेस ने पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन बयानों का हवाला दिया जब उन्होंने विदेश में आंतरिक राजनीति से जुड़े मुद्दे उठाए थे।
अखिल भारतीय कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि गांधी भारतीय राजनीति के एक प्रमुख सदस्य हैं और पहले सत्तारूढ़ दल में और फिर विपक्ष में रहते हुए उन्होंने आम जनता की आवाज़ बुलंद की है।
श्रीनेत ने कहा कि गांधी चार बार के चुने हुए सांसद हैं और जब वह कैम्ब्रिज में एक ऐसी दुनिया के बारे में बोलते हैं जो तनाव से ग्रस्त है और उस दुनिया में भारत क्या अहम भूमिका निभा सकता है तो वह वास्तव में भारतीय लोकतंत्र को सराहते हैं।
उन्होंने कहा, “ वह (गांधी) उन मूल्यों के ध्वजवाहक हैं जिनपर राष्ट्र का निर्माण हुआ है। जब वह महात्मा गांधी और हमारे संविधान के मूल्यों और हमारे देश की नींव के बारे में बात करते हैं तो वह असल में भारत का मान बढ़ाते हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि यह कहां से उपजा है, लेकिन (उनकी टिप्पणी पर) भाजपा का विरोध या तो अज्ञानता है या पूरी तरह से भ्रामक राजनीति है और दोनों का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है।”
श्रीनेत ने कहा कि भाजपा गांधी पर दो आधार पर हमले कर रही कि वह विदेशी धरती पर बोले और पेगासेस के बारे में बोले और उनके हमले ‘खोखले’ हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी विदेशी धरती पर इससे भी आगे गए हैं और उन्होंने अन्य देशों की यात्रा के दौरान सार्वजनिक तौर पर ऐसी बातें की जो नहीं करनी चाहिए तथा भारत की राजनीतिक व्यवस्था, राजनीति विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया, “शंघाई की यात्रा के दौरान तो वह (मोदी) इस हद तक गए और कहा कि इस देश के लोग कोसते हैं कि वे भारत में क्यों पैदा हुए।”
उन्होंने गांधी के इस आरोप का भी बचाव किया कि उनकी और विपक्ष के अन्य नेताओं की निगरानी की जाती है। श्रीनेत ने कहा कि पेगासेस तथ्यान्वेषी समिति ने अदालत को बताया था कि सरकार ने उसके साथ सहयोग नहीं किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया के एक हिस्से ने पुलवामा और चीन पर गांधी के बयान को संदर्भ से अलग कर पेश किया।
श्रीनेत ने सवाल किया कि कोई यह कैसे कह सकता है कि गांधी ने इसे ‘(पुलवामा को) आतंकी हमला नहीं कहा’। प्रवक्ता ने कहा, “ उन्होंने (गांधी) ने एक तस्वीर दिखाई और कहा कि यह मैं हूं जो घटनास्थल पर पुष्पांजलि कर रहा हूं जहां करीब 40 जवानों की एक कार के जरिए धमाका कर जान ली गई थी।”
श्रीनेत ने आरोप लगाया कि जब पुलवामा हुआ तो प्रधानमंत्री मोदी ‘मैन वर्सेज़ वाल्इड’ की शूटिंग करते रहे।
कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार पर चीन के साथ ‘प्रेम संबंध’ को लेकर हमला किया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने सीमा मुद्दे पर भारत की स्थिति को कमजोर कर चीन को क्लीनचिट दे दी।
अपने व्याख्यान में, गांधी ने आरोप लगाया था कि भारतीय लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है और कई नेताओं की निगरानी की जा रही है और इन नेताओं में वह भी शामिल हैं।
भाजपा ने शनिवार को गांधी पर जोरदार हमला किया था और आरोप लगाया था कि वह विदेशी धरती पर भारत के खिलाफ बोले और इस तरह के आरोप लगाए जिन्हें लगाने की हिम्मत पाकिस्तान तक नहीं करता ।
भाषा नोमान पवनेश
पवनेश
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