कोलकाता, 17 फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो महीने से भी कम समय शेष रहने के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की है।
पार्टी का कहना है कि यह अभियान सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ कथित सत्ता-विरोधी माहौल को मजबूत करने की कोशिश है।
एक संवाददाता सम्मेलन में, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस पहल को तृणमूल सरकार की घटती प्रासंगिकता के खिलाफ पार्टी के राजनीतिक संघर्ष का अगला चरण बताया।
उन्होंने दावा किया कि 34 वर्षों के वाम मोर्चा शासन के बाद लोगों ने लोकतंत्र और विकास की उम्मीद में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी, लेकिन अब तृणमूल पर भ्रष्टाचार के आरोपों और लोकतांत्रिक दायरा सिमटने की शिकायतों के बीच लोगों की निराशा बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, “पंद्रह साल बाद यह सवाल उठ रहा है कि वास्तव में लोगों को क्या मिला।”
पार्टी के अनुसार नौ ‘परिवर्तन यात्राएं’ एक और दो मार्च को कूचबिहार, कृष्णानगर, रायदिघी, कुल्टी, इस्लामपुर, संदेशखलि जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों से शुरू होंगी।
‘डोल यात्रा’ के दौरान संक्षिप्त विराम के बाद पांच मार्च से अभियान फिर शुरू होगा। यह यात्रा राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी और पांच हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी।
इस अभियान में झांकियां, सड़क किनारे सभाएं और स्थानीय जनसंपर्क कार्यक्रम भी शामिल होंगे। मार्च के अंत में कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़ी रैली के साथ इसका समापन प्रस्तावित है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संबोधित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
पार्टी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा सहित कई वरिष्ठ नेता यात्रा के विभिन्न चरणों में शामिल हो सकते हैं।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश
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