भुवनेश्वर, 21 दिसंबर (भाषा) ओडिशा में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि राज्य महिलाओं और बच्चों के लिए ‘असुरक्षित’ है और राज्य में महिला सशक्तीकरण का बीजू जनता दल (बीजद) सरकार का दावा ‘खोखला’ है।
भाजपा की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष स्मृति पटनायक ने दावा किया कि राज्य में महिलाओं के विरूद्ध अत्याचार हाल के वर्षों में चौंकाने वाले स्तर पर पहुंच गए हैं तथा बच्चों खासकर नाबालिग लड़कियों के संदर्भ में भी स्थिति ऐसी ही है।
सत्तारूढ़ बीजद ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) आंदोलन के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के उसके प्रयास की नीति आयोग और संयुक्त राष्ट्र के अलावा केंद्र की उसकी खुद की (भाजपा)सरकार ने सराहना की है।
ओडिशा में महिला सशक्तीकरण के बारे में बीजद के दावे को ‘खोखला’ करार देते हुए स्मृति पटनायक ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन नवीन पटनायक की बीजद सरकार राजनीतिक उद्देश्यों के वास्ते स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों का इस्तेमाल कर रही है।’’
उन्होंने दावा किया कि बीजद सरकार केवल महिलाओं के उस खास समूह को लाभ पहुंचा रही है, जो सत्तारूढ़ पार्टी के लिए प्रचार करता है। उन्होंने इस सिलसिले में भयंकर सर्दी में भी आंदोलन कर रहीं आंगनवाड़ी और आशा कर्मियों का हवाला दिया।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अपहरण की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि के बीच ओडिशा बच्चों के लिए पूरी तरह असुरक्षित बन गया है।’’ उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की 2021 की रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में सजा की दर राज्य में ‘काफी कम’ है। ऐसे मामलों में सजा की दर राष्ट्रीय आंकड़े 26.51 प्रतिशत की तुलना में राज्य में केवल 8.3 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा में 2019, 2020 और 2021 में महिलाओं के साथ अपराध की क्रमश: 23,183, 25,499 और 31,352 घटनाएं हुईं। भाजपा नेता ने दावा किया कि राज्य में पिछले पांच वर्षों में 1600 बच्चे लापता हो गये तथा 2021 की तुलना में 2022 में 42 फीसदी अधिक ऐसी घटनाएं हुईं।
स्मृति पटनायक के आरोपों पर बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने बुधवार को कहा कि बीजद महिलाओं के सशक्तीकरण में यकीन रखती है और देश में वही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो ‘पंचायत से संसद तक महिलाओं के लिए राजनीतिक स्थान को प्राथमिकता देती है।’’
लेनिन मोहंती ने कहा कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) आंदोलन के माध्यम से 80 लाख महिलाओं को सशक्त बनाने से परिदृश्य बदल गया है और ओडिशा में महिलाएं परिवर्तन की अग्रदूत बन गई हैं।
इस बात पर सहमति जताते हुए कि महिलाओं के खिलाफ अपराध चिंता का एक विषय है, उन्होंने कहा कि इस समस्या को केवल 50 प्रतिशत आबादी (महिलाओं) को सशक्त बनाकर ही हल किया जा सकता है।
बीजद प्रवक्ता ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय दल (महिलाओं के साथ अपराध) को राजनीतिक चश्मे से न देखें… यदि तुच्छ राजनीतिक फायदे के लिए आदतन झूठे आरोप लगाने के बजाय हम मिलकर काम करें, तो यह बेहतर रहेगा।’’
भाषा रवि कांत दिलीप
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