नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी ने बृहस्पतिवार को ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के ‘सफल’ संचालन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘दूरदर्शी नेतृत्व’ की सराहना की और कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि बुनियादी समझ की कमी वाले लोग ऐसी ‘शानदार उपलब्धि’ को स्वीकार नहीं कर सकते।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्रांति में एक प्रमुख प्रेरक शक्ति के रूप में उभरता दिख रहा है, जिसमें फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अन्य वैश्विक नेताओं सहित 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि दुनिया की शीर्ष तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों के साथ ‘एआई समिट’ में भाग ले रहे हैं।
राज्यसभा सदस्य ने पत्रकारों से कहा, ‘भारत डिजिटल लेनदेन में दुनिया का नंबर एक देश है और अब ‘एआई समिट’ में अग्रणी भूमिका निभाकर इससे भी आगे बढ़ रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और सक्षम नेतृत्व के कारण संभव हो पाया है।’
त्रिवेदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े लोग इस विकास को लेकर बहुत उत्साहित हैं और देश के लोग भी ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के ‘सफल’ आयोजन पर ‘बहुत गर्व’ महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘यह हर भारतीय के लिए एक रोमांचक, खुशी भरा और गर्व का क्षण है… लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दलों ने प्रशंसा का एक भी बयान नहीं दिया है। प्रशंसा की बात तो छोड़िए, उन्होंने एक सकारात्मक बयान तक नहीं दिया है।’
त्रिवेदी ने कहा, ‘देश के तकनीकी क्षेत्र में हुई प्रगति को राजनीति से दूर रखना चाहिए। लेकिन वे लगातार प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी ईर्ष्या और निराशा का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।’
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कृत्रिम मेधा (एआई) का ‘मानव’ दृष्टिकोण सामने रखे जाने के बाद बृहस्पतिवार को उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह ‘एक्रोनिम इन्फेक्शन’ है जिसका कोई इलाज नहीं है।
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने एआई के लिए अपने ‘मानव’ दृष्टिकोण का खुलासा किया। इस ‘एक्रोनिम इन्फेक्शन’ (शब्दों को संक्षिप्त रूप से कहने का संक्रमण) का कोई इलाज नहीं है।’
प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को एआई के लिए एक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया और इसे ‘मानव’ नाम दिया, जिसमें ‘एम’ का अर्थ ‘मोरल एंड इथिकल सिस्टम्स’ (नैतिक एवं नीतिपरक प्रणालियां), ‘ए’ से तात्पर्य ‘अकाउंटेबल गर्वनेंस’ (जवाबदेह शासन), ‘एन’ से तात्पर्य ‘नेशनल सॉवेरिनिटी’ (राष्ट्रीय संप्रभुता), ‘ए’ से तात्पर्य ‘एक्सेसबल एंड इन्क्लूसिव’ (सुलभ और समावेशी) और ‘वी’ से तात्पर्य ‘वैलिड एंड लेजिटिमेट’ (वैध और कानूनी) है।
कांग्रेस पर पलटवार करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि विपक्षी दल कम से कम भारत के तकनीकी क्षेत्र की सराहना तो कर सकता था।
भाजपा नेता ने कहा कि भारत एक नए राष्ट्र के रूप में उभर रहा है और कांग्रेस पार्टी निरंतर निराशा में डूबी हुई है।
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘केवल वे लोग जिनमें बुनियादी बुद्धि की कमी है, वे ही भारत की इस गौरवशाली उपलब्धि को नहीं देख पा रहे हैं। विकृत बुद्धि वाले लोग इस अद्भुत ‘एआई समिट’ को नहीं देख सकते।’
भाषा शुभम वैभव
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