scorecardresearch
Thursday, 8 January, 2026
होमदेशभाजपा विधायक ने सहयोगी शिवसेना विधायक पर 2022 में पाला बदलने के लिए रुपये लेने का आरोप लगाया

भाजपा विधायक ने सहयोगी शिवसेना विधायक पर 2022 में पाला बदलने के लिए रुपये लेने का आरोप लगाया

Text Size:

मुंबई, 27 नवंबर (भाषा) महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन दलों के बीच बढ़ती असहजता के एक और मामले में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक ने बृहस्पतिवार को सहयोगी दल शिवसेना के एक विधायक पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि 2022 में पार्टी टूटने के दौरान उद्धव ठाकरे गुट छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में जाने के लिए उस विधायक ने कथित रूप से रुपये लिए थे।

भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ महायुति गठबंधन के तहत राज्य में सत्ता साझा कर रही हैं।

हिंगोली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा विधायक तानाजी मुटकुले ने आरोप लगाया कि हिंगोली जिले की कलमनुरी सीट से शिवसेना विधायक संतोष बांगर ने 2022 में पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये लिए थे।

मुटकुले ने संवाददाताओं से कहा कि बांगर ने पहले लोगों से ठाकरे से दूरी न बनाने का आग्रह किया था, लेकिन रातोंरात उन्होंने अपना रुख बदल दिया।

मुटकुले ने आरोप लगाया, ‘‘ऐसी चर्चाएं है कि उन्होंने पार्टी बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकार किए। मुझे यकीन है कि ये चर्चाएं सच होंगी क्योंकि वह बिना पैसे के कोई काम नहीं करते।’’

यह पूछे जाने पर कि वह महायुति के सहयोगी विधायक के खिलाफ आरोप क्यों लगा रहे हैं तो मुटकुले ने कहा कि बांगर उनके सहयोगी नहीं हैं और न ही कभी होंगे, क्योंकि वे अलग-अलग विचारधाराओं के हैं।

बांगर ने भी मुटकुले के खिलाफ भी आलोचनात्मक टिप्पणी की।

शिवसेना विधायक ने कहा, ‘‘उन पर (मुटकुले) यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे, लेकिन उन्होंने अपने चालक को उन आरोपों को स्वीकार करवाकर खुद को बचा लिया। अपने कुकृत्य के कारण वह अपनी पार्टी पर कलंक हैं।’’

जून 2022 में एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ लगभग 40 विधायकों के साथ विद्रोह का नेतृत्व किया था। राजनीतिक संकट के दौरान, ‘‘50 खोके, एकदम ठीक’’ (50 करोड़ रुपये, सब ठीक) का नारा खूब चला, जिससे पता चलता है कि प्रत्येक विधायक को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये मिले।

पिछले सप्ताह शिवसेना के अधिकांश मंत्रियों ने राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले भाजपा द्वारा शिवसेना नेताओं और कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर अपने पाले में करने के विरोध में मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में भाग नहीं लिया था।

भाषा तान्या खारी

खारी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments