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Wednesday, 1 April, 2026
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भाजपा ने द्रमुक के खिलाफ आरोप लगाते हुए ‘आरोपपत्र’ जारी किया

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चेन्नई, एक अप्रैल (भाषा) भाजपा के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने एक ‘आरोपपत्र’ जारी किया है जिसमें द्रमुक सरकार पर व्यवस्थित भ्रष्टाचार, वित्तीय कुप्रबंधन और स्पष्ट हिंदू विरोधी पूर्वाग्रह रखने का आरोप लगाया गया है।

भाजपा ने राज्य सरकार पर अवैध रेत खनन और विभिन्न विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया।

31 मार्च को चेन्नई स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय में जारी आरोपपत्र में द्रमुक शासन के दौरान ‘बड़े पैमाने पर अनियमितताओं’ का आरोप लगाया गया है, जिनमें राज्य में शराब विपणन कार्यों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी, राजमार्ग निविदाओं में हजारों करोड़ रुपये की गड़बड़ी और व्यापक नगरपालिका घोटाले शामिल हैं। आरोपपत्र में दावा किया गया है कि राज्य की वित्तीय स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है और कुल ऋण का बोझ 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

आरोपपत्र में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के प्रशासन पर व्यवस्थागत भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया गया है।

चुनावी वादों को चुनौती देते हुए भाजपा के दस्तावेज़ में दावा किया गया है कि सरकार अपने 70 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे करने में विफल रही है।

इसमें आरोप लगाया गया कि प्रशासन ने ईंधन की कीमतों में कमी लाने, खाना पकाने की गैस पर सब्सिडी देने और नीट परीक्षा रद्द करने की प्रतिबद्धताओं को त्याग दिया है। इसके अलावा, इसने सरकार पर पिछली सरकार के दौरान शुरू की गई लोकप्रिय कल्याणकारी योजनाओं, जैसे विवाह के लिए सोना और रियायती दोपहिया वाहन योजना को बंद करके महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।

भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों की सूची का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सत्तारूढ़ गठबंधन को हिंदू विरोधी विचारधारा के लिए निशाना बनाता है। इसमें प्रमुख नेताओं के हवाले से दिए गए बयानों को संकलित किया गया है, जिसमें बहुसंख्यक समुदाय की आस्था का अपमान करने के लिए एक निरंतर अभियान चलाने का दावा किया गया है, साथ ही सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणियों का भी उल्लेख किया गया है।

इसके अतिरिक्त, आरोपपत्र में सामाजिक न्याय में गंभीर विफलताओं का आरोप लगाया गया है, जिसमें अनुसूचित जातियों के खिलाफ अपराधों में उल्लेखनीय वृद्धि का हवाला दिया गया है और वेंगाइवयाल घटना (दिसंबर 2022 में, वेंगाइवयाल के निवासियों ने आरोप लगाया था कि दलित मोहल्ले को पानी की आपूर्ति करने वाले ओवरहेड पेयजल टैंक में मानव मल फेंका गया था) की विलंबित जांच को उजागर किया गया है, ताकि यह दावा किया जा सके कि प्रशासन राज्य में हाशिए पर पड़े समुदायों को न्याय दिलाने में विफल रहा है।

भाषा तान्या नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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