रामपुरहाट (पश्चिम बंगाल), 23 मार्च (भाषा) वाम मोर्चा (एलएफ) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट कस्बे में एक रैली निकाली और एक दिन पहले इलाके में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के लिए न्याय की मांग की।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम के साथ रैली का नेतृत्व करने वाले वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि राज्य में ‘सामूहिक हत्या’ की घटना को छिपाने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा।
बोस ने ग्रामीणों को बचाने के लिए कथित तौर पर ‘कुछ नहीं करने’ के लिए पुलिस की कड़ी आलोचना की।
मोहम्मद सलीम ने घटना स्थल का दौरा करने के बाद पत्रकारों से कहा कि मकानों में आग लगाने की घटना में अवैध रेत खनन माफिया ने अहम भूमिका निभाई है।
माकपा नेता ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बर्बर हमले में शामिल लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा चाहते हैं।’’
बीरभूम जिले के रामपुरहाट कस्बे के पास बोगतुई गांव में मंगलवार तड़के कुछ मकानों में आग लगने से दो बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गयी।
तृणमूल कांग्रेस के पंचायत स्तर के एक नेता की सोमवार को हत्या के बाद रामपुरहाट शहर के बाहरी इलाके में स्थित बोगतुई गांव में कथित तौर पर करीब एक दर्जन मकानों में आग लगा दी गई थी। ऐसा कहा जा रहा है कि कुछ लोगों ने अपने नेता की हत्या के प्रतिशोध में मकानों में आग लगा दी। इस सिलसिले में अब तक कम से कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) ज्ञानवंत सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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