(सुदीप्तो चौधरी)
कोलकाता, 10 फरवरी (भाषा) ओरल पोलियो टीका सुरक्षित, असरदार और दुनिया भर में पोलियो को समाप्त करने की कोशिशों के लिए ज़रूरी है, लेकिन टीके से बने पोलियो वायरस के स्वरूप के उभार से निपटने के लिए बेहतर इम्यूनाइज़ेशन की ज़रूरत है। अमेरिका स्थित जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने इसकी जानकारी दी है।
भारत की मौजूदा स्थिति का ज़िक्र करते हुए, गेट्स फाउंडेशन के उप निदेशक डॉ. आनंद शंकर बंद्योपाध्याय ने कहा कि हाल के सालों में पोलियोवायरस अलग-अलग फैलने वाले स्वरूप से लकवा फैलने का पता नहीं चला है, जो इस बात का संकेत है कि देश ‘‘‘हाई रेगुलर इम्यूनाइज़ेशन कवरेज बनाए रखने’’ में कामयाब रहा है।
खास बात यह है कि भारत को मार्च 2014 में पोलियो-मुक्त घोषित किया गया था ।
बंद्योपाध्याय ने अमेरिका के सिएटल से पीअीआई को बताया, ‘‘ओरल पोलियो वैक्सीन सुरक्षित, असरदार, सस्ती और देने में आसान है। रेगुलर इम्यूनाइज़ेशन और बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान के ज़रिए इसके इस्तेमाल से दुनिया भर में बच्चों में पोलियो वायरस का संक्रमण खत्म हो गया है और लकवे को रोका गया है, दुनिया का 99.9 प्रतिशत हिस्सा पोलियो-मुक्त है।’’
उन्होंने कहा कि स्वरूप मुख्य रूप से कमज़ोर इम्यूनाइज़ेशन वाले इलाकों में उभरते हैं।
बंद्योपाध्याय ने कहा, “जिन इलाकों में लगातार खराब इम्यूनाइज़ेशन कवरेज है, वहां इसके स्वरूप उभर सकते हैं ।
भाषा रंजन नरेश
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