कोच्चि, आठ फरवरी (भाषा) कुवैत से निर्वासित किए जाने के बाद यहां एक वन क्षेत्र में सड़ी-गली अवस्था में मिले बेंगलुरु के मूल निवासी के शव का रविवार को दफना दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि सूरज लामा (59) को कुवैत से निर्वासित कर दिया गया था जहां वह एक रेस्तरां चलाता था। इसके बाद वह पांच अक्टूबर को कोच्चि पहुंचा।
बताया गया कि मेथनॉल विषाक्तता के कारण स्मृतिलोप होने के बाद उसे देश से निर्वासित कर दिया गया था।
लामा 10 अक्टूबर को एर्नाकुलम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कलामसेरी से लापता हो गया था।
उसका सड़ा हुआ शव बाद में 30 नवंबर को हिंदुस्तान मशीन टूल्स परिसर के पास एक वन क्षेत्र में मिला।
पुलिस ने बताया कि डीएनए परीक्षण के नतीजों से हाल ही में पुष्टि हुई है कि शव लामा का ही है।
अधिकारियों ने बताया कि शव को दिन में पहले ही परिवार को सौंप दिया गया था और उसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सूरज की पत्नी रिमी लामा ने पत्रकारों से कहा कि इस घटना को हत्या के मामले के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया, ‘इसे हत्या का मामला माना जाना चाहिए। अगर अस्पताल ने उनकी देखभाल की होती, तो मेरे पति आज जीवित होते।’
उन्होंने कहा कि वह अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगी।
इससे पहले, लामा के बेटे सैंटन द्वारा बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने के बाद, केरल उच्च न्यायालय ने अधिकारियों की कथित लापरवाही की आलोचना की थी।
भाषा तान्या नरेश
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