कोलकाता, 27 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी के नेतृत्व में एक संगठन ने मंगलवार को राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान लोगों के कथित तौर पर उत्पीड़न के विरोध में मार्च निकाला।
जमीयत-उलेमा-ए-हिंद का यह जुलूस उत्तर-मध्य कोलकाता के राजाबाजार इलाके से शुरू हुआ और शहर के मध्य भाग स्थित एस्प्लेनेड पर समाप्त हुआ।
लगभग 4.5 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला गया।
इस मार्च में महिलाओं व बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने भाग लिया और केंद्र सरकार व निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारे लगाए।
चौधरी ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नागरिकों सहित निवासियों को सत्यापन के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा होने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो ‘अमानवीय’ है।
जन शिक्षा विस्तार एवं पुस्तकालय सेवा मंत्री ने कहा, “हम लोकतांत्रिक तरीकों से अपना संघर्ष जारी रखेंगे। हमारे साथ अन्याय हो रहा है, जो अस्वीकार्य है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस वर्ष राज्य विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर कराने के लिए निर्वाचन आयोग पर दबाव डाल रही है।
चौधरी ने एसआईआर के दौरान अल्पसंख्यकों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाए जाने के सवाल के जवाब में कहा कि यह विरोध ‘दमन और एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता को कमजोर करने’ के खिलाफ है।
भाषा जितेंद्र नरेश
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