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Sunday, 15 February, 2026
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बंगाल: निर्वाचन आयोग ने ‘फर्जी मतदाता’ मामले में अधिकारियों पर प्राथमिकी की समयसीमा तय की

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कोलकाता, 14 फरवरी (भाषा) निर्वाचन आयोग ने दो जिलों में मतदाता सूची में कथित तौर पर ‘फर्जी’ मतदाताओं को शामिल करने के आरोप में चार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार को 17 फरवरी की समय सीमा निर्धारित की है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

आयोग ने इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर पूर्व और पूर्व मेदिनीपुर जिले के मोयना से दो चुनाव पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और दो सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को मतदाता सूची में कथित तौर पर ‘फर्जी’ मतदाताओं को शामिल करने के आरोप में निलंबित करने का आदेश दिया था।

इसने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया था कि उनके खिलाफ संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज की जाए।

इससे पहले, आयोग ने संबंधित जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में अवैध रूप से नाम शामिल करने सहित कथित अनियमितताओं के आरोप में चार अधिकारियों और एक कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।

इसके जवाब में राज्य सरकार ने आयोग को सूचित किया कि उसने चारों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी है, साथ ही प्राथमिकी दर्ज करने से पहले अतिरिक्त समय मांगा है।

निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने बताया कि कई महीने बीत जाने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जिसके चलते आयोग को समय सीमा तय करनी पड़ी है।

राज्य में निर्वाचन आयोग मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कर रहा है।

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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