बेंगलुरु: बेलगावी पुलिस ने एक मुस्लिम व्यक्ति की कथित हत्या के मामले में गुरुवार देर रात 10 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसकी एक हिंदू महिला के साथ उसके अंतर्धार्मिक संबंधों को लेकर हत्या कर दी गई थी.
पीड़ित अरबाज आफताब मुल्ला का शव 28 सितंबर को बेलगावी के खानापुर में रेलवे ट्रैक पर मिला था.
शुक्रवार को पुलिस के एक बयान के अनुसार, श्री राम सेना हिंदुस्तान के सदस्य – चरमपंथी हिंदुत्ववादी संगठन श्री राम सेना की एक शाखा और हिंदू महिला के माता-पिता को कथित तौर पर 24 वर्षीय की हत्या और हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
गिरफ्तार किए गए लोगों में श्री राम सेना हिंदुस्तान के तालुक स्तर के नेता पुंडलिक मुतागेकर और हिंदू महिला के माता-पिता सुशीला ईरप्पा कुंभार और ईरप्पा कुंभार शामिल हैं.
‘लड़की के माता-पिता ने पुंडलिक मुतागेकर से संपर्क किया और उसे अरबाज आफताब मुल्ला की हत्या के लिए पैसे की पेशकश की क्योंकि उन्होंने अपनी बेटी के साथ उसके रिश्ते का विरोध किया था. अरबाज को 28 सितंबर की शाम को हत्यारों से मिलने के लिए बुलाया गया था. उसे धमकाया गया, उससे पैसे वसूल किए गए और उसकी हत्या कर दी गई.’
उन्होंने कहा, ‘सबूत मिटाने के इरादे से उनके शव को रेलवे ट्रैक पर रखा गया था.’
बेलगावी के पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निंबरगी ने दिप्रिंट को बताया, ‘गहन जांच के बाद दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है.’
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इनमें मुतागेकर के परिचित मारुति प्रल्हाद सुगते, मंजूनाथ तुकाराम, गणपति ज्ञानेश्वर सुगाठे, प्रशांत कलप्पा पाटिल (उर्फ बिरजे), प्रवीण शंकर पुजारे और श्रीधर महादेव धोनी शामिल हैं, कहा जाता है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में इकलौता मुस्लिम कुतुबुद्दीन अल्लाहबख्श ने कथित साजिश में हिस्सा लिया था.
नई धाराएं लगाई गईं
जबकि मामले में पहली बार 29 सितंबर को अरबाज की मां नजीमा मोहम्मद घोष शेख की रेलवे पुलिस में शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, 4 अक्टूबर को एक नई प्राथमिकी दर्ज की गई थी जब मामला बेलगावी पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया था.
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 34 (अपराध करने वाले लोगों का समूह) के साथ, प्राथमिकी धारा 302 (हत्या) और 201(अपराध के सबूतों को गायब करना) के तहत दर्ज की गई थी.
पुलिस ने अब आपराधिक साजिश सहित अन्य के लिए अतिरिक्त धाराएं जोड़ी हैं.
इससे पहले, श्री राम सेना हिंदुस्तान के संस्थापक रमाकांत कोंडुस्कर ने दिप्रिंट को बताया था कि ‘उनके कार्यकर्ताओं को हिंदुत्व’ को बनाए रखने के लिए टारगेट किया जा रहा है.’ उन्होंने कहा, उनका हत्या से कोई लेना-देना नहीं है.
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