लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक आपराधिक मामला सामने आया है, जिसमें फिल्मी अंदाज का नाटकीय मोड़ है. एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति को दो बार गोहत्या के मामलों में फंसाने की कोशिश की, ताकि वह उससे तलाक लेकर अपने उस प्रेमी के साथ रह सके, जिससे उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी.
जांच के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामला दर्ज किया, प्रेमी को गिरफ्तार किया और अब महिला की तलाश कर रही है.
यह मामला 21 जनवरी को सामने आया, जब पुलिस इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच परिसर में आमीना को गिरफ्तार करने पहुंची. आमीना, जिसकी उम्र बीस के अंतिम वर्षों में है, वहां एक वकील से मिलने आई थी. पुलिस अदालत परिसर के बाहर उसका इंतजार कर रही थी.
हालांकि, पुलिस टीम के कुछ सदस्य परिसर के अंदर उसकी तलाश में घुस गए. कुछ वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया, क्योंकि पुलिसकर्मी बिना वारंट एक वकील के चेंबर में घुसकर महिला को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे थे. जल्द ही वहां अफरा-तफरी मच गई और भीड़ इकट्ठा हो गई. वकीलों ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
अदालत की सुरक्षा को सूचना दिए जाने के बाद कुछ और पुलिसकर्मी पहुंचे और पुलिस टीम को बाहर ले गए. इसी हंगामे के दौरान महिला गायब हो गई. उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है.
इसके बाद, महिला को गिरफ्तार करने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर अतिक्रमण सहित कई आरोपों में मामला दर्ज किया गया और उन्हें निलंबित कर दिया गया.
‘अफेयर’
पुलिस के अनुसार, लखनऊ की रहने वाली आमीना ने कथित तौर पर अपने पति वसीफ को गोहत्या के मामले में फंसाने की साजिश रची, ताकि वह भोपाल निवासी अपने प्रेमी अमान के साथ रह सके.
लखनऊ के पुलिस उपायुक्त, पश्चिम, विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की मुख्य आरोपी महिला फरार है, जबकि उसका प्रेमी जेल में है. उनके अनुसार, आमीना की मुलाकात अमान से इंस्टाग्राम पर हुई थी और धीरे-धीरे दोनों करीब आ गए. अमान उससे मिलने अक्सर लखनऊ आता था.
सबसे पहले, उन्होंने पिछले साल अगस्त में पति को गोहत्या के मामले में फंसाने की योजना बनाई. इसका मतलब होता कि पति जेल चला जाता और महिला को तलाक लेने का कारण मिल जाता. इस योजना को अंजाम देने के लिए प्रेमी ने कथित तौर पर फर्जी नाम से एक गो-रक्षक सोशल मीडिया समूह जॉइन किया.
सितंबर में, अमान ने कथित तौर पर लखनऊ के हजरतगंज इलाके में खड़ी पति की एसयूवी में दो किलो मांस रख दिया. महिला ने उसे कार की चाबियां दी थीं. बाद में प्रेमी ने बजरंग दल को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को बताया गया. वाहन से मांस बरामद हुआ और कागज उद्योग से जुड़े व्यवसायी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. हालांकि एक महीने बाद उसे जमानत मिल गई.
पुलिस ने कहा कि इसके बाद महिला ने कथित तौर पर उसे फिर से फंसाने और जेल भेजने की एक और कोशिश की.
इस बार उसने अपने पति के फोन से ऑनलाइन एक पोर्टर वाहन, यानी ई-रिक्शा, बुक किया और बुकिंग की जानकारी और ओटीपी अपने प्रेमी के साथ साझा कर दिया. योजना यह थी कि अमीनाबाद से काकोरी इलाके तक, जहां उसका पति काम करता था, उसी ई-रिक्शा में मांस भेजा जाए, ताकि ऐसा लगे कि अवैध मांस परिवहन के पीछे पति ही है.
डीसीपी के अनुसार, अमान 14 जनवरी को लखनऊ पहुंचा और अपने साथ दस किलो मांस लेकर आया. एक बार फिर उसने अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर एक गो-रक्षक समूह को सूचना दी कि उस वाहन में मांस ले जाया जा रहा है.
सूचना मिलने पर, लखनऊ के काकोरी थाने की टीम ने 15 जनवरी को वाहन को रोका और मांस बरामद किया.
डीसीपी ने बताया कि वाहन मालिक के पास बुकिंग करने वालों के रूप में महिला और उसके पति के मोबाइल नंबर थे. इसी आधार पर पुलिस ने पति को पूछताछ के लिए थाने बुलाया.
पूछताछ के दौरान, पति ने बताया कि उसे अपनी पत्नी के किसी से संबंध होने का शक था, इसलिए उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे. पुलिस ने इसके बाद फुटेज की जांच की.
‘राहुल’—फर्जी नाम
जांच में आगे पता चला कि पति की पत्नी ने यह पूरा मामला अमान के साथ मिलकर रचा था.
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि मांस कथित तौर पर भोपाल से लाया गया था, जिसे एक गत्ते के डिब्बे में छिपाकर वाहन में लोड किया गया. पुलिस को जल्दी रोकने के लिए अमान ने कथित तौर पर राहुल नाम के फर्जी नाम से बजरंग दल के सदस्यों को सूचना दी थी.
पुलिस को यह भी पता चला कि यह रिश्ता कैसे शुरू हुआ. महिला और अमान की मुलाकात 2022 में इंस्टाग्राम पर हुई थी और सामान्य बातचीत धीरे-धीरे अफेयर में बदल गई.
पुलिस ने 20 जनवरी को अमान को गिरफ्तार किया. जांच में वसीफ की पत्नी की भूमिका सामने आई. पुलिस अब महिला की तलाश कर रही है.
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