कोलकाता, 20 दिसंबर (भाषा) बंगाली राष्ट्रवादी संगठन बांग्ला पोक्खो ने शनिवार को यहां बांग्लादेश के उप उच्चायोग तक विरोध मार्च निकाला। बांग्ला पोक्खो का आरोप है कि पड़ोसी देश में सांप्रदायिक ताकतों द्वारा हिंदुओं पर हमले किए जा रहे हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दक्षिण कोलकाता में बांग्लादेश के उप उच्चायोग कार्यालय से कुछ दूरी पर ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
काले झंडे लिए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदू बंगालियों पर हमले किए जा रहे हैं।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी के जनाजे की नमाज अदा की गई, जिसके लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। इसके बाद हादी की अंत्येष्टि की गई।
नकाबपोश बंदूकधारियों ने 12 दिसंबर को मध्य ढाका के विजयनगर क्षेत्र में इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी के सिर में उस समय गोली मार दी थी जब वह अपना चुनाव प्रचार शुरू कर रहे थे। बाद में सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद देश में अशांति फैल गई है।
पिछले साल के हिंसक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ (एसएडी) की सहयोगी नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) ने भारत विरोधी नारे लगाते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि हादी पर हमला करने के बाद हमलावर भारत भाग गए। प्रदर्शनकारियों ने अंतरिम सरकार से मांग की कि जब तक हमलावरों को वापस नहीं लाया जाता, भारतीय उच्चायोग को बंद रखा जाए।
मैमनसिंह शहर में कथित ईशनिंदा के आरोप में बृहस्पतिवार को दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीटकर हत्या कर दी और उसके शव को आग के हवाले कर दिया।
बांग्ला पोक्खो के महासचिव गर्गा चटर्जी ने कहा, ‘‘दीपू दास की क्रूर हत्या से पता चलता है कि बांग्लादेश एक हिंसक राष्ट्र में तब्दील हो गया है। ’’
उन्होंने मांग की कि भारत सरकार बांग्लादेश के साथ सभी व्यापारिक और राजनयिक संबंध तुरंत तोड़ दे।
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