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Wednesday, 28 January, 2026
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असम कांग्रेस ने एसआर के जरिए ‘वोट चोरी’ का विरोध किया, मुख्यमंत्री हिमंत की आलोचना की

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गुवाहाटी, 28 जनवरी (भाषा) विपक्षी कांग्रेस ने बुधवार को असम के कामरूप जिले में विशेष पुनरीक्षण (एसआर) के जरिये कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया।

यह प्रदर्शन भाजपा कार्यकर्ताओं की कार्रवाई के खिलाफ बोको-चायगांव उपमंडल आयुक्त के कार्यालय के सामने किया गया, जिन्होंने कथित तौर पर रात में कार्यालय में घुसकर मतदाता सूची में नामों को हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया में बाधा डाली थी।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधायक रकीबुद्दीन अहमद ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की हालिया टिप्पणियों की आलोचना की।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पूरी चुनाव प्रचार प्रक्रिया विपक्ष के वोटों को चुराने की एक चाल मात्र है। निर्वाचन आयोग इस खेल में भाजपा की मदद कर रहा है। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री केवल ध्रुवीकरण करने वाले बयान दे रहे हैं।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पिछले दो-तीन दिनों से मुख्यमंत्री जनसभाओं में बार-बार यह बयान दे रहे हैं कि मियां समुदाय को दंडित किया जाना चाहिए। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक मुख्यमंत्री एक समुदाय के खिलाफ इस तरह का बयान दे रहा है।’’

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि राज्य में “बांग्लादेशी मियां” रहते हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एसआर) के दौरान ऐसे “विदेशियों” के खिलाफ पांच लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई हैं।

‘मियां’ मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है और गैर-बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी प्रवासी के रूप में पहचानते हैं।

भाषा शफीक पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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