गुवाहाटी, 29 नवंबर (भाषा) असम विधानसभा ने शनिवार को शिक्षा विभाग से संबंधित छह विधेयकों को विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन के बीच मंजूरी दे दी।
विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष ने जब विपक्ष द्वारा लाये गये संशोधनों पर मतदान के लिए सदन के सभी दरवाजे बंद करने के आदेश दे दिये थे उसके बाद भाजपा के सदस्य सदन के भीतर आ गये।
शिक्षा मंत्री रनोज पेगू द्वारा पेश किए गए चार विधेयकों पर चार घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद कांग्रेस, मार्क्सावादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)और निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई ने इस बात पर असंतोष व्यक्त किया कि उनके द्वारा पेश किए गए एक भी संशोधन को सरकार ने स्वीकार नहीं किया।
सदन में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस विधायक देबब्रत सैकिया ने संशोधनों पर मतदान की मांग की, जिसका समर्थन माकपा विधायक मनोरंजन तालुकदार और निर्दलीय सदस्य ने किया।
अध्यक्ष विश्वजीत दैमरी ने जैसे ही विधेयक पारित करने की प्रक्रिया शुरू की, सैकिया ने कहा कि वे प्रस्तावित संशोधनों को वापस नहीं लेंगे।
दैमरी ने इसके बाद सदन के सभी दरवाजे तत्काल बंद करने का आदेश दिया तथा किसी भी विधायक के सदन से बाहर जाने या अंदर आने पर रोक लगा दी।
हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष के आदेश के बाद भी सत्ता पक्ष के करीब 10 सदस्य सदन में पहुंचे।
सत्ता पक्ष ने हालांकि इस आरोप का खंडन किया।
जब अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें किसी के देर से सदन में आने की जानकारी नहीं है, तो विपक्षी सदस्य सदन के आसन के पास आ गए और सदन से बहिर्गमन कर गए।
इससे पहले, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए तख्तियां दिखाने पर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था।
विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति में सदन ने असम गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थान (शुल्क विनियमन) (संशोधन) विधेयक, 2025, असम शिक्षा (शिक्षकों का प्रांतीयकरण और शैक्षणिक संस्थानों का पुनर्गठन) (संशोधन) विधेयक, 2025, असम प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय शिक्षक (पदस्थापन और स्थानांतरण का विनियमन) (संशोधन) विधेयक, 2025, और असम शिक्षा (उद्यम शैक्षणिक संस्थानों के गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं का प्रांतीयकरण) (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी।
इन चार विधेयकों के साथ, दो अन्य विधेयक – अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025, और उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय प्रबंधन संस्थान (एनईआरआईएम) विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 को भी शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई।
भाषा धीरज माधव
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