scorecardresearch
Tuesday, 18 June, 2024
होमदेशशाहीन बाग में सीएए-एनआरसी विरोधी प्रदर्शन: पुलिस ने जाम सड़क को खाली कराना शुरू किया

शाहीन बाग में सीएए-एनआरसी विरोधी प्रदर्शन: पुलिस ने जाम सड़क को खाली कराना शुरू किया

पुलिस हाईकोर्ट द्वारा कार्रवाई का फैसला उस पर छोड़े जाने के बाद उठा रही कदम. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एक महीने से इसे अवरुद्ध कर रखी है रास्ता.

Text Size:

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने कालिंदी कुंज-शाहीन बाग सड़क को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. हाईकोर्ट द्वारा कार्रवाई का फैसला पुलिस पर छोड़े जाने के बाद वह कदम उठा रही है. दरअसल, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एक महीने से इसे अवरुद्ध कर रखा है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. वहीं प्रदर्शनकारियों के बीच कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर भी पहुंचे हैं.

दिल्ली कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर शाहीन बाग में सीएए एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को संबोधित करने पहुंचे हैं.

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अय्यर ने कहा ने कहा जो भी कुर्बानियां देनी हैं उसमें हम भी शामिल हैं. देखते हैं किसका हाथ मजबूत है.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

 

 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को शहर की पुलिस को कालिंदी कुंज-शाहीन बाग खंड पर यातायात प्रतिबंधों पर गौर करने का निर्देश दिया था. अदालत ने कहा है कि जहां कहीं भी प्रदर्शन हो रहा है पुलिस के पास यातायात को नियंत्रित करने की शक्तियां हैं. यह सड़क सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर करीब एक महीने से बंद है.

कालिंदी कुंज-शाहीन बाग खंड पर यातायात प्रतिबंधों पर पुलिस को गौर करने का दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा निर्देश दिए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है.

एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास शाहीन बाग में एक सड़क को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.’

उन्होंने कहा, ‘पुलिस इस व्यस्त सड़क को खाली कराने के लिए बलप्रयोग के बजाय समझाने बुझाने की नीति का पालन कर रही है.’

दक्षिण दिल्ली में कई लोग यह सड़क बंद रहने के चलते असुविधा का सामना कर रहे हैं क्योंकि इससे नोएडा के साथ सीधा संपर्क कट गया है.

अधिकारियों ने यह भी बताया कि पुलिस अवरूद्ध सड़क को खाली कराने के लिए व्यापारिक संगठन, धार्मिक नेताओं और समुदाय के नेताओं से बात करेगी.

इस बीच, जेएनयू परिसर में हुई हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष सहित आठ संदिग्धों से पूछताछ की है.

कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग पर यातायात पाबंदियों पर विचार करे पुलिस: अदालत

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के मद्देनजर कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग पर यातायात पाबंदियों पर व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए विचार करने का मंगलवार को निर्देश दिया.

मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की पीठ ने पुलिस से जनहित और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मामले पर गौर करने को कहा.

अदालत ने वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी द्वारा दाखिल जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह बात कही.

याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शनों के कारण 15 दिसंबर 2019 से बंद चल रहे कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग और ओखला अंडरपास को खोलने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था.

यह एक अस्थायी व्यवस्था था लेकिन बाद में इसे समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा.

जनहित याचिका में कहा गया कि कालिंदी कुंज वाला रास्ता दिल्ली, फरीदाबाद (हरियाणा) और नोएडा (उत्तर प्रदेश) को जोड़ने की वजह से बहुत महत्व रखता है. लेकिन अब लोगों को डीएनडी एवं अन्य वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है जिससे भारी यातायात जाम की स्थिति बन रही है और साथ ही समय तथा ईंधन की बर्बादी भी हो रही है.

share & View comments