नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह के लिए मेट्रो स्टेशन पर घोषणाओं से लेकर क्यूआर कोड आधारित पार्किंग प्रणाली तक कई उपाय किए गए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
जहाँ मेट्रो स्टेशन पर घोषणाएँ परेड स्थल की यात्रा करने वाले टिकट और पास धारकों का मार्गदर्शन करेंगी, वहीं क्यूआर कोड आधारित प्रणाली बैठने के संबंधित स्थानों के निकट निर्दिष्ट स्थानों पर लगभग 8,000 वाहनों को पार्क करने में मदद करेगी।
अधिकारियों ने कहा कि इस साल गणतंत्र दिवस परेड के सभी ‘एंक्लोज़र’ (बैठने के क्षेत्र) नदियों के नाम पर रखे गए हैं, और यात्रियों का उसी अनुसार विशेष मेट्रो स्टेशनों की ओर मार्गदर्शन किया जाएगा कि उनका आवंटित बैठने वाला ‘एंक्लोज़र’ कर्तव्य पथ के उत्तर में है या दक्षिण में।
घोषणाओं के अनुसार, दक्षिणी तरफ और ब्यास, ब्रह्मपुत्र, चंबल, चेनाब, गंडक, गंगा, घाघरा, गोदावरी, सिंधु और झेलम जैसे आवंटित क्षेत्रों में बैठने वाले दर्शकों को उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर उतरने के लिए कहा जाएगा।
जिन लोगों के पास उत्तरी भाग के लिए टिकट हैं, जिसमें कावेरी, कोसी, कृष्णा, महानदी, नर्मदा, पेन्नार, पेरियार, रवि, सोन, सतलुज, तीस्ता, वैगई और यमुना नदियां शामिल हैं, उन्हें केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर उतरने की सलाह दी जाएगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वाहनों से आने वाले दर्शकों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड आधारित पार्किंग प्रणाली शुरू की गई है। यह प्रणाली 22 निर्धारित पार्किंग स्थलों को कवर करती है और इसका उद्देश्य लगभग 8,000 वाहनों को समायोजित करना है।
इस व्यवस्था के तहत पार्किंग पास धारक अपने पास पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करके अपनी बैठने की जगह के सबसे नजदीक स्थित पार्किंग स्थलों तक पहुंचने के लिए वास्तविक समय में दिशा-निर्देश प्राप्त कर सकते हैं। यहां से वे पैदल चलकर अपनी सीट तक पहुंच सकते हैं।
अधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए दर्शकों को प्रतिवर्ष लगभग 77,000 पास जारी किए जाते हैं, जिनमें से लगभग 8,000 पास वाहनों से आने वालों के लिए होते हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘इस व्यवस्था का उद्देश्य समारोहों के दौरान भ्रम को कम करना और वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।’
उन्होंने कहा कि दर्शकों को यथासंभव मेट्रो सेवाओं का उपयोग करने और कर्तव्य पथ तक आसानी से पहुंचने के लिए घोषणाओं और संकेतों का पालन करने की सलाह दी गई है।
भाषा
शुभम दिलीप
दिलीप
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