चिक्कबल्लापुर (कर्नाटक), एक मार्च (भाषा) अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मौत की खबरों के बाद रविवार को चिक्कबल्लापुर जिले के शिया बहुल अलीपुरा गांव में मातम छा गया।
ग्रामीणों ने शियाओं के सर्वोच्च नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है।
गांव के लोगों ने मौन रखा और दुकान तथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को स्वेच्छा से बंद कर दिया गया। गांव में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए सभी उत्सव और सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, अली खामेनेई ने 1986 में अलीपुरा का दौरा किया था। उस दौरे के बाद इस गांव और ईरान के बीच संबंध काफी मजबूत हो गए थे। बाद में, गांव में उनके नाम पर एक अस्पताल बनाया गया जो खामेनेई के प्रति समुदाय के सम्मान का प्रतीक है।
अलीपुरा के कई परिवारों का ईरान से सीधा संबंध है। कुछ निवासी उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए वहां बस गए हैं। खामेनेई की मृत्यु की खबर ने ग्रामीणों को गहरा दुख पहुंचाया है।
शिया मस्जिद में खामेनेई की आत्मा की शांति के लिए सामूहिक दुआ की गई। इस दौरान कई लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।
लोगों ने खामेनेई पर हमले की निंदा करते हुए मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने काले कपड़े पहन रखे थे। उनके हाथों में काले झंडे तथा खामेनेई की तस्वीर थी।
भाषा
प्रचेता नेत्रपाल
नेत्रपाल
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