नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस महीने बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के दौरे पर जाएंगे और इसके बाद उनका नियमित तौर पर इन राज्यों में जाने का कार्यक्रम है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी सत्ता बनाए रखने की कोशिश करेगी जबकि अन्य दो राज्यों में वह अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि शाह इन राज्यों में चुनाव तक लगभग हर महीने भाजपा की संगठनात्मक बैठकें आयोजित करेंगे। उन्होंने कहा कि शाह के 14 और 15 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में तथा 30 अप्रैल को बिहार में रहने की संभावना है जबकि तमिलनाडु के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होना है, जबकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अगले साल मार्च-अप्रैल में असम, केरल और पुडुचेरी के साथ चुनाव होने की संभावना है।
बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में भाजपा सबसे बड़ी सहयोगी है। इस गठबंधन में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) शामिल हैं। जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार करीब 20 साल से राज्य के मुख्यमंत्री हैं।
भाजपा हालांकि, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में एक अलग तरह की चुनौती का सामना कर रही है।
पश्चिम बंगाल में एक प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में उभरने की तमाम कोशिशों के बावजूद भाजपा को अब तक केवल आंशिक सफलता ही मिली है। वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी है, लेकिन 2011 से उसके निर्बाध शासन को समाप्त करने के अपने प्रयासों में विफल रही है।
लोकसभा में बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक पर अपने हस्तक्षेप के दौरान शाह तृणमूल सदस्य कल्याण बनर्जी द्वारा राज्य की राजनीति से संबंधित कटाक्ष किए जाने के बाद आक्रामक हो गए थे।
तमिलनाडु में हमेशा एक हाशिये पर रहने वाली भाजपा से उम्मीद की जा रही है कि वह राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के साथ अपने गठबंधन को पुनर्जीवित कर सकती है ताकि दक्षिणी राज्य में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ गठबंधन को टक्कर दी जा सके। द्रमुक का 2021 से ही राज्य की सत्ता पर दबदबा रहा है।
अन्नाद्रमुक नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने हाल ही में शाह से मुलाकात की, जिससे दोनों दलों के एक साथ आने की संभावना बढ़ गई है।
तमिलनाडु विधानसभा के लिए 2021 में हुए चुनाव में अन्नाद्रमुक और भाजपा ने मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन बाद में द्रविड़ पार्टी गठबंधन से बाहर हो गई। 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दल अलग-अलग मैदान में उतरे, लेकिन दोनों को करारी हार का सामना करना पड़ा।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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