चंडीगढ़, पांच फरवरी (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की बृहस्पतिवार को चुनौती दी और भगवंत मान सरकार पर गुरु ग्रंथ साहिब के गुम हुए ‘सरूपों’ (प्रतियों) के मामले में जारी जांच की आड़ में पार्टी नेतृत्व को निशाना बनाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
बादल के नेतृत्व में शिअद की कोर कमेटी के सदस्य बृहस्पतिवार को यहां डीजीपी गौरव यादव के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर परेशान किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की।
पार्टी की कोर कमेटी की बैठक किए जाने के तुरंत बाद वे डीजीपी कार्यालय गए।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के डीजीपी से मुलाकात किए जाने के दौरान कई कार्यकर्ता पंजाब पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हो गए और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
डीजीपी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बादल ने आप सरकार पर अकाली कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने के लिए पुलिस का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना और गैंगस्टर के खिलाफ कार्रवाई करना है, लेकिन यहां की सरकार ने इसे झूठे मामले दर्ज करने और जिसे चाहे गिरफ्तार करने के लिए अपनी ‘निजी सेना’ के रूप में बदल दिया है।
बादल ने आरोप लगाया कि आप सरकार गुरु ग्रंथ साहिब के गायब 328 ‘सरूपों’ के मामले में जारी जांच का इस्तेमाल अकाली नेतृत्व को ‘‘निशाना बनाने’’ के लिए कर रही है।
बादल ने कहा, ‘‘इसलिए, हमने आज तय किया कि हमें सीधे डीजीपी कार्यालय जाना चाहिए और उन्हें प्राथमिकी दर्ज करने की चुनौती देनी चाहिए… मैंने उन्हें मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और तलाशी वारंट लाने की चुनौती दी। क्या मैं कहीं भाग गया था?’’
इससे पहले, बादल ने आरोप लगाया था कि पुलिस उनके अकाउंटेंट और उनके परिवारों को परेशान कर रही है।
भाषा यासिर शफीक
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