बारामती, 29 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दोनों गुटों के विलय के इच्छुक थे और उनकी यह इच्छा जल्द ही साकार होने वाली थी। अजित पवार के करीबी सहयोगी किरण गुजर ने बृहस्पतिवार को यह दावा किया।
गुजर 1980 के दशक के मध्य में अजित पवार के राजनीति में कदम रखने से पहले से ही उनसे जुड़े हुए थे। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पवार ने बुधवार को हुए विमान हादसे से ठीक पांच दिन पहले उनसे इस बारे में बात की थी।
गुजर ने कहा, ‘‘वह दोनों गुटों के विलय के लिए बहुत उत्सुक थे। उन्होंने मुझे पांच दिन पहले बताया था कि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में विलय होने वाला है।’’
अजित पवार ने हाल ही में संपन्न नगर निकाय चुनावों के दौरान कुछ चुनिंदा संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि वह अपनी पार्टी का शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शरद चंद्र पवार) में विलय करने का इरादा रखते हैं।
राकांपा और राकांपा (शरद चंद्र पवार) ने पुणे और पिंपरी चिचवड में नगर निकाय चुनाव गठबंधन में लड़ा था। दोनों ने अगले महीने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए भी गठबंधन बरकरार रखने का फैसला किया था।
गुजर ने कहा कि अजित पवार के पास विलय और संयुक्त राकांपा के भविष्य के मार्ग के लिए एक रोडमैप तैयार था।
यह पूछे जाने पर कि क्या अजित पवार ने शरद पवार से इस मुद्दे पर चर्चा की थी, गुजर ने कहा कि ‘‘पवार साहब, सुप्रिया ताई (सुप्रिया सुले) और अन्य नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही थी’’ और संकेत मिल रहे थे कि शरद पवार इस कदम का समर्थन करेंगे।
गुजर ने कहा, ‘‘कई सकारात्मक संभावनाएं उभर रही थीं, लेकिन इस त्रासदी ने अजित दादा को हमसे छीन लिया। अब उनकी मृत्यु के बाद यह और भी अधिक अनिवार्य हो गया है कि दोनों गुट एकजुट होकर बारामती और राज्य की बेहतरी के लिए काम करें।’’
भाषा पारुल अमित
अमित
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
