मदुरै, नौ फरवरी (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के वरिष्ठ नेता आरबी उदयकुमार ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार की ओर से किए जा रहे “दुष्प्रचार” से निपटने के लिए 16,640 ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेगी।
उदयकुमार ने एक बयान में आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ द्रमुक ने यह दावा करके जनता को गुमराह किया है कि 100 दिन का रोजगार देने वाली मनरेगा योजना रद्द की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्नाद्रमुक नेतृत्व ने पहले ही कार्य दिवसों को 125 दिन तक बढ़ा दिया था और आगामी प्रदर्शन ग्रामीण मतदाताओं को योजना की वास्तविक स्थिति समझाने के लिए होंगे।
उदयकुमार ने कहा, “द्रमुक यह दावा करके एक दुर्भावनापूर्ण अभियान चला रही है कि 100 दिन के रोजगार की गारंटी देने वाली योजना रद्द की जा रही है। यह सरासर झूठ है। अन्नाद्रमुक के शासनकाल में कार्य दिवस वास्तव में बढ़ाकर 125 दिन तक कर दिए गए थे। हम लोगों के बीच जाकर सच्चाई बताएंगे।”
केंद्र सरकार ने मरनेगा की जगह ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जी राम जी) अधिनियम लागू किया है।
उदयकुमार ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिलनाडु की जनता को वर्तमान प्रशासन के दौरान कोई लाभ नहीं मिला, जबकि सरकार ने कई सम्मेलनों और रैलियों का आयोजन किया।
उन्होंने आरोप लगाया, “पिछले पांच वर्षों में द्रमुक सरकार का ध्यान केवल विरोध-प्रदर्शन और सम्मेलन आयोजित करने पर रहा। जनता को क्या हासिल हुआ? कुछ भी नहीं। स्टालिन राज में केवल कर्ज ही बढ़ा है।”
भाषा
शुभम पारुल
पारुल
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