चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम. के. स्टालिन से चेन्नई स्थित उनके आवास पर मुलाकात की.
इस दौरान सी. जोसेफ विजय ने पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन से भी मुलाकात की. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह विजय की डीएमके के वरिष्ठ नेताओं के साथ पहली मुलाकात थी.
यह मुलाकात तमिलागा वेत्री कझगम (टीवीके) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के एक दिन बाद हुई.
वहीं सोमवार को तमिलागा वेत्री कझगम के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राज्य विधानसभा के सभी जिलों ने सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली.
शपथ लेने वालों में प्रमुख नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी, ओ. पन्नीरसेल्वम और उदयनिधि स्टालिन के अलावा तमिलनाडु सरकार के मंत्री एन आनंद, आधारव अर्जुन, केजी अरुणराज और केए सेंगोट्टैयन शामिल रहे.
जिलाओं की शपथ से पहले मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने भी सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली. उन्हें प्रोटेम स्पीकर एमवी कुरुप्पैया ने शपथ दिलाई.
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले संबोधन में सी. जोसेफ विजय ने “पारदर्शी सरकार” चलाने की बात कही. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हर काम खुलकर और भेदभाव के साथ देगी.
उन्होंने पिछली डीएमके सरकार पर राज्य का खजाना खाली करने का आरोप भी लगाया.
विजय ने कहा, “सब कुछ देखने के बाद मैं जनता के सामने एक श्वेत पत्र जारी करना चाहता हूं. मेरी सरकार पूरी तरह ईमानदार सरकार होगी. तमिलनाडु में अगर मुझे किसी से मिलना होगा तो मैं बंद कमरे में या छिपकर नहीं मिलूंगा. जो भी होगा, खुलकर आएगा. मैंने जनता से जो वादे किए हैं, उन्हें धीरे-धीरे पूरा करूंगा. यह आपकी सरकार है. महिलाओं की सुरक्षा पूरी सख्ती से सुनिश्चित की जाएगी.”
शपथ लेने के तुरंत बाद सी. जोसेफ विजय ने चुनावी वादों और प्रशासनिक गलतियों से जुड़े पहले आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए.
इन गलतियों में 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने और राज्य में नशे से जुड़े अपराध तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने को मंजूरी शामिल है.
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