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Friday, 30 January, 2026
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वाईएसआरसीपी शासन के दौरान मिलावटी घी का घोटाला ‘हिंदुओं का अपमान’ : टीटीडी

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तिरुपति, 30 जनवरी (भाषा) वाईएसआरसीपी पर तीखा हमला करते हुए, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) अध्यक्ष बी आर नायडू ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान प्रसिद्ध तिरुमला मंदिर में लड्डू प्रसाद तैयार करने में हानिकारक रसायनों से युक्त ‘बड़े पैमाने पर मिलावटी घी का घोटाला’ हुआ था।

उन्होंने घी में कथित मिलावट के कृत्य को ‘‘हिंदुओं का अपमान’’ भी बताया।

तिरुपति में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए टीटीडी अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अगुवाई में एसआईटी द्वारा हाल में नेल्लोर एसीबी अदालत में दाखिल आरोपपत्र में करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़, लूट और विश्वासघात के आरोपों को स्पष्ट रूप से उजागर किया गया है।

नायडू ने कहा, ‘‘युवजन श्रमिक रायतु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) शासन के दौरान श्रीवारी लड्डू में हानिकारक रसायनों के साथ बड़े पैमाने पर घी में मिलावट का घोटाला हिंदुओं का अपमान है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) के आरोपपत्र में लूट और करोड़ों भक्तों के साथ विश्वासघात को उजागर किया गया है।’

मिलावटी घी को ‘‘एक बड़ा कमीशन-आधारित घोटाला’’ बताते हुए, उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि उसने घी की आपूर्ति के लिए उन कंपनियों को ठेके दिए जिनके पास मवेशी और दूध उत्पादन की कोई सुविधा नहीं थी।

हाल में, एसआईटी ने नेल्लोर एसीबी अदालत में अंतिम आरोप पत्र दाखिल किया, जिसमें घी में मिलावट के मामले में नौ टीटीडी अधिकारियों, पांच डेयरी विशेषज्ञों और अन्य सहित 36 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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