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Sunday, 14 July, 2024
होमदेशकहीं से हटी तो कहीं लगा प्रतिबंध, भारत से नेपाल तक आदिपुरुष पर विवाद, मुंतशिर को मिली पुलिस सुरक्षा

कहीं से हटी तो कहीं लगा प्रतिबंध, भारत से नेपाल तक आदिपुरुष पर विवाद, मुंतशिर को मिली पुलिस सुरक्षा

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है, लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि मुझे रिपोर्ट्स मिली है कि प्रोड्यूसर फिल्म के डायलॉग बदलने को तैयार है.

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नई दिल्ली: फिल्म ‘आदिपुरुष’ के डायलॉग को लेकर देश के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल में भी विवाद शुरू हो गया है. फिल्म आदिपुरुष में माता सीता का उल्लेख ‘भारत की बेटी’ के रूप में किये जाने के बाद नेपाल की राजधानी काठमांडू और पोखरा शहर में ‘आदिपुरुष’ सहित सभी हिंदी फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है. वहीं दूसरी तरफ मुंबई से लेकर पुणे, लखनऊ में भी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए सिनेमा हॉल में एक विशेष वर्ग के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

दूसरी तरफ फिल्म के डायलॉग राइटर मनोज मुंतशिर शुक्ला ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया है जिसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की है.

फिल्म को लेकर बढ़ते विवाद को देखने के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है, “लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता है.”

उन्होंने ये भी कहा कि मुझे रिपोर्ट्स मिली है कि प्रोड्यूसर फिल्म के डायलॉग बदलने को तैयार है. अनुराग ठाकुर ने ये भी कहा कि वह इसकी देखरेख भी करेंगे. धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचेगी, कम से कम उनकी निगरानी में तो नहीं.

काठमांडू के 17 सिनेमाघरों में इसके मद्देनजर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यहां कोई हिंदी फिल्म न दिखाई जाए.

काठमांडू के महापौर बालेंद्र शाह ने रविवार को कहा कि शहर में किसी भी हिंदी फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी, जब तक कि ‘आदिपुरुष’ में ‘जानकी भारत की एक बेटी है’ संवाद को न केवल नेपाल में बल्कि भारत में भी हटा दिया जाएगा.

गौरतलब है कि माता सीता को जानकी के नाम से भी जाना जाता है. लोगों का मानना है कि उनका जन्म नेपाल के जनकपुर में हुआ था.

फिल्म के डायलॉग को लेकर उठे विवाद के बाद पोखरा में भी फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई.

पोखरा के महापौर धनराज आचार्य ने कहा कि ‘आदिपुरुष’ के प्रदर्शन पर रोक लगा दी जाएगी.

‘आदिपुरुष’ शुक्रवार को देशभर में हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और तमिल भाषाओं में रिलीज हुई है फिल्म में प्रभास भगवान राम, कृति सेनन माता सीता और सैफ अली खान लंकापति रावण की भूमिका में हैं.

ओम राउत द्वारा निर्देशित और टी-सीरीज द्वारा निर्मित बड़े बजट वाले इस फिल्म के खराब वीएफएक्स और संवादों को लेकर सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना हो रही है.

फिल्म में ‘लंका दहन’ के एक दृश्य में भगवान हनुमान के डायलॉग को लेकर भी सोशल मीडिया यूजर्स शुक्ला की आलोचना कर रहे हैं.

जिसमें हनुमान की पूंछ में आग लगाई जाती है और फिर इंद्रजीत कहता है कि, “बिना पूंछ वाला बंदर कैसा लगेगा.

और वो पूंछ में आग लगाता है
तो हनुमान के मुंह से दर्द की आह निकलती है..
इंद्रजीत कहता है-जली कैसा लगा, जिसकी जलती है वही जानता है.
तो दर्द से कराहता हनुमान कहता है…
“कपड़ा तेरे बाप का. तेल तेरे बाप का. और जलेगी भी तेरे बाप की.”

हनुमान के मुंह से ये शब्द किसी को भा नहीं रहे. जिसकी वजह से इस फिल्म पर काफी विवाद हो रहे है और राजनितिक पारा भी चढ़ रहा है.


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कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन

आदिपुरुष को लेकर देश के छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आगरा, वाराणसी, लखनऊ समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है.

महाराष्ट्र में रविवार को कुछ हिंदू संगठनों के सदस्यों ने पालघर में एक मल्टीप्लेक्स में हंगामा किया. प्रदर्शनकारियों ने फिल्म आदिपुरुष की स्क्रीनिंग रोक दी, नारे लगाए और मल्टीप्लेक्स के कर्मचारियों के साथ बहस भी की.

सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने फिल्‍म ‘आदिपुरुष’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा, हालांकि उन्‍होंने फिल्म का नाम नहीं लिया है.

सपा नेता यादव ने ट्वीट कर कहा, ” जो राजनीतिक आकाओं के पैसों से, उनके एजेंडे वाली मनमानी फ़िल्में बनाकर लोगों की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं, उनकी फिल्मों को सेंसर बोर्ड का प्रमाणपत्र देने से पहले, उनके ‘राजनीतिक-चरित्र’ का प्रमाण पत्र देखना चाहिए. क्या सेंसर बोर्ड धृतराष्ट्र बन गया है?”

वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने ट्वीट कर कहा, ”सस्ते व सतही संवाद वाले सिनेमा के जरिए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और उनकी कथा के विराट तथा प्रेरक चरित्रों को संकुचित करने का प्रयास किया जा रहा है. इससे करोड़ों आस्थावान सनातनी आहत हैं. इस कृत्य के लिए तथाकथित सनातनी भाजपाई देश से माफी मांगें. ये काम ना करो, राम का नाम बदनाम ना करो!”

छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़—चिरमिरी—भरतपुर जिले के निवासियों ने शनिवार को ‘आदिपुरुष’ फिल्म पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगाने की मांग की और इसे सनातन धर्म के विरुद्ध षड्यंत्र बताया.

प्रदर्शनकारियों ने मनेन्द्रगढ़ में फिल्म का प्रदर्शन कर रहे थियेटर के बाहर एकत्र होकर भी विरोध प्रदर्शन किया.

इससे पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फिल्म ‘आदिपुरुष’ को भगवान राम और हनुमान की छवि को धूमिल करने का प्रयास बताया था और पूछा था कि खुद को धर्म के ‘ठेकेदार’ (संरक्षक) कहने वाले राजनीतिक दल इस पर चुप क्यों हैं?

बघेल ने फिल्म के संवादों को आपत्तिजनक बताते हुए इसकी निंदा की है और कहा है कि यदि लोग इसकी मांग करेंगे तो उनकी सरकार राज्य में इसे प्रतिबंधित करने पर विचार करेगी.

‘भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले संवाद बदले जाएंगे’

भूषण कुमार द्वारा निर्मित इस फिल्म के संवाद को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद फिल्म के संवाद लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि निर्माताओं ने ‘कुछ संवादों को संशोधित करने’ का फैसला किया है और इस सप्ताह तक फिल्म में संशोधित पंक्तियां जोड़ दी जाएंगी.

शुक्ला ने ट्विटर पर लिखा, ‘मेरे लिये आपकी भावना से बढ़ कर और कुछ नहीं है. मैं अपने संवादों के पक्ष में अनगिनत तर्क दे सकता हूं, लेकिन इससे आपकी पीड़ा कम नहीं होगी. मैंने और फिल्म के निर्माता-निर्देशक ने निर्णय लिया है, कि वो कुछ संवाद जो आपको आहत कर रहे हैं, हम उन्हें संशोधित करेंगे, और इसी सप्ताह वो फिल्म में शामिल किए जाएंगे.’

शुक्ला ने कहा कि आदिपुरुष में 4000 से भी ज्यादा पंक्तियों के संवाद उन्होंने लिखे जिनमें से पांच पंक्तियों पर कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुईं. उन्होंने कहा कि उन सैकड़ों पंक्तियों में जहां श्री राम का यशगान किया और मां सीता के सतीत्व का वर्णन किया, उनके लिए प्रशंसा भी मिलनी थी, जो पता नहीं क्यों मिली नहीं.

शुक्ला के बयान के बाद फिल्म निर्माता कंपनी टी-सीरीज ने कहा कि टीम ने ‘लोगों की भावनाओं’ को देखते हुए ‘आदिपुरुष’ के संवादों में बदलाव करने का फैसला किया है.

कंपनी ने एक अलग बयान में कहा, ”आदिपुरुष’ को दुनिया भर में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. यह फिल्म सभी उम्र के दर्शकों का दिल जीत रही है. फिल्म के दृश्य को यादगार बनाने के लिये टीम ने फिल्म के संवादों में बदलाव करने का फैसला किया. लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.”

तीन दिन में 340 करोड़ रुपये की कमाई

‘आदिपुरुष’ ने तीन दिन में वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर 340 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. फिल्म के निर्माताओं ने सोमवार को यह दावा किया.

फिल्म निर्माता कंपनी टी-सीरीज ने दावा किया कि फिल्म ने रिलीज के तीसरे दिन वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये की कमाई की.

कंपनी ने ट्विटर पर जारी एक बयान में कहा, ‘फिल्म आदिपुरुष ने बॉक्स ऑफिस पर पहले सप्ताहांत में आश्चर्यजनक रूप से 340 करोड़ रुपये की कमाई की. यह फिल्म हर उम्र के दर्शकों को पसंद आ रही है. जय श्री राम.’


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