मुंबई, 10 मार्च (भाषा) धन शोधन मामले में गिरफ्तार एक शिक्षाविद् ने बैंकों से अपने विद्यालयों में नवीनीकरण के कार्य के लिए कर्ज लिया, लेकिन इसे आलीशान जीवनशैली, महंगी कारों की खरीद और बॉलीवुड सितारों के लिए कार्यक्रमों की मेजबानी करने पर खर्च कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को विशेष अदालत को यह जानकारी दी।
रोजरी एजुकेशन ग्रुप (एक धर्मार्थ न्यास जो विद्यालयों का संचालन करता है) के विनय अरन्हा को केंद्रीय जांच एजेंसी ने नौ मार्च को एक कथित कर्ज धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया था।
विनय को विशेष धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) न्यायाधीश एमजी देशपांडे की अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 20 मार्च तक के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।
ईडी के मुताबिक, विनय न्यास का सचिव है और सभी न्यासी उसके रिश्तेदार हैं। आरोपी अपने परिवार के सभी उद्यमों को नियंत्रित करता है और इनका मालिक है।
ईडी ने कहा कि रोजरी एजुकेशन ग्रुप ने कॉस्मोस बैंक से वर्ष 2015 और 2016 के बीच करीब 20 करोड़ रुपये का कर्ज एक विद्यालय से जुड़े नवीनीकरण के कार्य के लिए लिया था, जो कि मूल रूप से जनता का पैसा है।
ईडी ने बताया कि आरोपी ने कर्ज की रकम में से कई करोड़ रुपये आलीशान जीवनशैली को अपनाकर निजी तौर पर खर्च कर दिये। ईडी ने अदालत को बताया कि आरोपी ने कई कार्यक्रम आयोजित किये जिनमें बॉलीवुड सितारों ने हिस्सा लिया था।
भाषा संतोष माधव
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