नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के एक सरपंच की बुधवार को पंजाब के तरनतारन जिले में एक शादी समारोह में दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इससे राज्य में कानून-व्यवस्था को संभालने के तरीके को लेकर भगवंत मान सरकार की फिर आलोचना शुरू हो गई है.
40 साल के हरबरिंदर सिंह, जो ठठियां महंता गांव के सरपंच थे, उन्हें दोपहर करीब 3 बजे शादी समारोह में शामिल होने के दौरान तरनतारन-हरीके रोड पर गोली मारी गई. पुलिस ने कहा कि अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई. एक अन्य व्यक्ति, जिसने बाइक सवार हमलावरों का पीछा करने की कोशिश की, वह भी गोलीबारी में घायल हो गया और उसका इलाज चल रहा है. उसकी हालत स्थिर है.
हत्या के कुछ घंटों बाद, पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दो अधिकारियों — सरहाली पुलिस स्टेशन के एसएचओ गुरविंदर सिंह और पट्टी के डीएसपी (तरनतारन) जगबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया. पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्रवाई “पर्याप्त रोकथाम पुलिस व्यवस्था की कमी” के कारण की गई.
प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस उप महानिरीक्षक (फिरोजपुर रेंज) स्नेहदीप शर्मा और तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुरेंद्र लांबा को जांच की “व्यक्तिगत निगरानी” करने का निर्देश दिया है.
यह हत्या इस साल आम आदमी पार्टी के नेताओं पर तीसरा घातक हमला है. इससे पहले इसी महीने पार्टी नेता सतविंदर पाल सिंह, जिन्हें लकी ओबेरॉय के नाम से जाना जाता था, की जालंधर में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
पिछले महीने, तरनतारन के वल्टोहा संधुआं गांव के पूर्व सरपंच जरमल सिंह की अमृतसर में एक शादी में शामिल होने के दौरान नज़दीक से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था पर बहस शुरू हो गई थी.
बाद में अमृतसर पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया. डीजीपी यादव ने कहा था कि यह हत्या ब्राजील में बैठे गैंगस्टर प्रभदीप सिंह उर्फ प्रभ दासूवाल ने करवाई थी, जिसकी पूर्व सरपंच से पुरानी दुश्मनी थी और उसने पहले भी उन्हें निशाना बनाया था.
बुधवार की हत्या के बारे में डीआईजी स्नेहदीप शर्मा ने कहा कि इसका कारण निजी दुश्मनी लग रहा है. उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “पीड़ित ने कभी किसी से जबरन वसूली या धमकी की शिकायत नहीं की थी. परिवार ने भी ऐसा कोई कारण नहीं बताया है, और पहली नजर में यह निजी दुश्मनी या बदले की भावना से किया गया अपराध लगता है.”
एसएसपी लांबा ने कहा कि मामले की जांच सभी “संभावित एंगल” से की जा रही है और चार टीमें बनाई गई हैं.
विपक्ष ने तुरंत मान सरकार पर हमला बोला. पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने एक्स पर लिखा, “तरनतारन में शादी में एक सरपंच की दिनदहाड़े हत्या पंजाब में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह टूटने को दिखाती है. भगवंत मान और AAP सरकार में गैंगस्टर खुले घूम रहे हैं और सरकार पीआर में व्यस्त है. सीमा जिले अपराध क्षेत्र बनते जा रहे हैं और राज्य में डर का माहौल है.”
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “पंजाब इस खून-खराबे वाले ‘बदलाव’ की भारी कीमत चुका रहा है.”
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी मान सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पिछले महीने 25 हत्याएं हुईं और फरवरी में भी हत्याएं जारी हैं.
उन्होंने कहा, “कोई जगह सुरक्षित नहीं है—शादी पैलेस, कोर्ट, मंदिर, गुरुद्वारे, कॉलेज—कुछ भी नहीं! यह शासन नहीं, अराजकता है. भगवंत मान को एक दिन भी कुर्सी पर बने रहने का अधिकार नहीं है.”
विपक्ष की आलोचना पर AAP प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने गुरुवार को कहा कि पंजाब पुलिस ने दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है. उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “विपक्ष कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाता रहेगा, लेकिन सिर्फ AAP सरकार ने ही गैंगस्टरों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है.”
वह राज्य के ‘गैंग्सटरां ते वार’ अभियान की बात कर रहे थे, जो इस साल अपराधी गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शुरू किया गया है.
AAP 2022 से राज्य में सत्ता में है.
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