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Tuesday, 20 October, 2026
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दशहरे पर कॉकरोच का पुतला जलाने के खिलाफ AAP की शिकायत, BJP विधायक अशोक गोयल का नाम भी शामिल

सौरभ भारद्वाज ने एलजी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत. पीतमपुरा की रामलीला कमेटी ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फीट का कॉकरोच का पुतला जलाने का फैसला किया है.

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को दशहरे पर कॉकरोच का पुतला जलाने की योजना को लेकर शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से श्री केशव रामलीला कमेटी (एनएसपी, पीतमपुरा) के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. शिकायत में कमेटी के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक अशोक गोयल के साथ दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा का नाम भी शामिल है.

एक्स पर पोस्ट कर भारद्वाज ने आयोजकों पर “जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, हिंदू धर्म की पवित्र परंपराओं को बदलने और समुदायों के बीच दुश्मनी भड़काने की कोशिश” करने का आरोप लगाया. उन्होंने सोशल मीडिया मंचों से इस “आपत्तिजनक सामग्री” को तुरंत हटाने की मांग भी की.

भारद्वाज ने कहा, “मैंने एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है. अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम अदालत जाएंगे.”

यह शिकायत रामलीला कमेटी के उस फैसले के बाद आई है, जिसमें दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचा कॉकरोच का पुतला जलाने की बात कही गई है. कमेटी का कहना है कि इसके जरिए साफ-सफाई का संदेश दिया जाएगा.

पुतले बनाने वाले कारीगर शाहवेज खान ने बताया कि उनका परिवार उनके दादा और परदादा के समय से पुतले बनाता आ रहा है.

खान ने कहा, “हम रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाते हैं. इस साल इसमें एक नया पुतला, कॉकरोच का पुतला भी जोड़ा जाएगा.”

उन्होंने बताया कि कॉकरोच का एक पुतला बनाने में करीब 3 से 4 दिन लगते हैं, जबकि रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतले तैयार करने में पूरा एक महीना लगता है.

इससे पहले, श्री केशव रामलीला कमेटी के अध्यक्ष और मॉडल टाउन से विधायक अशोक गोयल देवरा हा ने कहा था कि यह फैसला घरों, आसपास के इलाकों और पूरे समाज से गंदगी खत्म करने की जरूरत को सामने लाने के लिए लिया गया है.

एक और पुतला जलाने के फैसले के बारे में उन्होंने कहा कि देश को प्रभावित करने वाली समस्याओं को दिखाने के लिए पहले भी अलग-अलग पुतले जलाए जाते रहे हैं.

उन्होंने कहा, “इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हमने पहले भी नक्सलवाद और आतंकवाद जैसी देश को परेशान करने वाली समस्याओं के प्रतीक के तौर पर पुतले जलाए हैं. इस साल हमारी कमेटी ने गंदगी के प्रतीक कॉकरोच का पुतला जलाने का फैसला किया है. हमारा लक्ष्य तीन जगहों से गंदगी खत्म करना है- हमारे घरों से, आसपास के इलाकों से और पूरे समाज से.”

उन्होंने बताया कि यह पुतला पीतमपुरा में कमेटी के मैदान में जलाया जाएगा.

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